पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पंचनामा कर पीएम के बाद स्वजन को सौंप दिया
मुंगेली। मुंगेली और जीपीएम(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले में रविवार की सुबह गाज गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। मुुंगेली के ठकुरीकापा युवक और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के बिजरवार में दो महिला की मौत हुई। मुंगेली के ठकुरीकापा निवासी सुखदेव खांडे रविवार की सुबह पांच बजे अपने खेत मे निंदाई करने गए थे।
कुछ देर बाद बारिश शुरू हो गई। सुखदेव भीगते हुए ही खेत में काम कर रहे थे। करीब छह बजे अचानक आकाशीय बिजली उसके ऊपर गिर गई। इससे सुखदेव की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मृतक के परिवार वालों और सरपंच लिकेश्वर सोनकर को दी। सरपंच ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया। पीएम के बाद शव वजन को सौंप दिया गया है।
वहीं दूसरी घटना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के गौरेला थाना के बिजरवार गांव की है। गांव की सोमवती और ललिता मार्को महुआ फल बिनने के लिए जंगल गई हुई थीं। लौटते समय बारिश शुरू हुई। दोनों गांव के पास पहुंची थीं कि तभी गाज उनके ऊपर गिर गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव पीएम के भेजा। पीएम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है।
आकाशीय बिजली ने ढाया कहर, 5 लोगों और 52 बेजुबानों की ली जान
प्रदेश में मानसून का आगमन हो गया है साथ ही गाज गिरने की घटनाऐं होना भी शुरू हो गयी हैं। इनमें जीपीएम में दो, मुंगेली-गरियाबंद और बलौदाबाजार में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश में अगले दो दिनों तक अनेक स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुंगेली, बलौदाबाजार और गरियाबंद में गाज गिरने के हादसे में मृतकों के परिजनोें को 4-4 लाख सहायता राशि देने के निर्देश दिए है।
52 बकरियों समेत चरवाहे की हुई मौत
गरियाबंद के सहसपुर गांव में लगातार तेज़ बारिश हुई इसी दौरान आकाशीय बिजली गिर पड़ी। जिससे पेड़ के नीचे खड़ी 4 दर्जन से ज्यादा बकरियों की मौत हो गयी साथ ही सरगी नाले के पास खड़ा 22 साल का युवक चिंतामणि धनकर भी इसके चपेट में आ गया।
खेत में काम कर रही महिला पर गिरी गाज़
वहीं दूसरी ओर पलारी के रोहासी निवासी अनीता साहू (40) अपने पति केशव साहू के साथ खेत में धान की बुआई करने के लिए गई थी। दोपहर करीब 12 बजे बारिश शुरू हो गई और तेज आवाज के साथ बिजली अनीता पर गिर पड़ी। पति उसे लेकर पलारी अस्पताल पहुंचा, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खेत में निराई कर रहे युवक पर गिरी आकाशीय बिजली
वहीं दूसरी ओर मुंगेली जिले में भी आकाशीय बिजली गिरने से खेत में निंदाई कर रहे युवक की मौत हो गयी। घटना मुंगेली जिले के ग्राम ठकुरिकापा की है जहां सुखदेव खांडे अपने खेत में निराई का काम कर रहा था इसी दौरान बारिश शुरू हो गयी लेकिन सुखदेव लगातार अपने काम में लगा रहा। तभी अचानक से आकाशीय बिजली उसपर गिर पड़ी। आस-पास के लोगों ने पुलिस को सुचना दी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
फल बीनने गयी दो महिलाओं पर गिरी आकाशीय बिजली
घटना गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बिजरगॉव की है जहां दो महिलाऐं फल बीनने गयी थी। महिलाओं का नाम सेमकाली गोंड व ललिता मार्को था। दोनों फल बीनकर वापस लौट रही थी जब उनपर आकाशीय बिजली गिर पड़ी। दोनों महिलाओं की हाथ में थैला पकडे-पकड़े ही मौत हो गयी।
क्यों गिरती है आसमानी बिजली? जानिए बचने के लिए क्या करें
क्यों गिरती है बिजली : बिजली गिरना असल में स्थैतिक ऊर्जा का निकलना होता है जब धरती और बादलों के बीच विद्युत चार्ज बिगड़ जाता है, आसमान में बहुत बड़ा इलेक्ट्रिक स्पार्क है, मीनार, ऊंचे पेड़, घर या इंसान जब पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं तब उससे पॉजिटिव इलेक्ट्रिसिटी निकलकर ऊपर की ओर जाती है, इसे स्ट्रीमर कहते हैं बादल के निचले हिस्से में मौजूद निगेटिव चार्ज स्ट्रीमर की ओर आकर्षित होता है, जिससे बिजली धरती पर गिरती है। यही कारण है कि ऊंची चीजों पर बिजली गिरने की आशंका अधिक होती है।
बिजली से बचाव के लिए रखें ये सावधानियां : ऊंची इमारतों वाले क्षेत्रों में नहीं जाएं क्योंकि वहां वज्रपात का खतरा ज्यादा होता है। यदि किसी खुले स्थान में हैं तो तत्काल किसी पक्के मकान में चले जाएं। मोबाइल पर बात कर रहे हैं तो सावधान, यह जानलेवा साबित हो सकता है। कार आदि वाहन में है तो उसी में ही रहें लेकिन बाइक से दूर हो जाएं क्योंकि उसमें पैर जमीन पर रहते हैं। लोहे के पिलर वाले पुल के आसपास तो बिलकुल नहीं जाएं। घर में चल रहे टीवी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रिक उपकरणों को तुरंत बंद कर दें। तालाब, जलाशयों और स्विमिंग पूल से दूरी बनाएं ग्रुप में न खड़े हों बल्कि दूर-दूर खड़े हों ध्यान दें कि आसपास बिजली या टेलीफोन के तार न हो।