जिले में कई जरूरी निर्माण कार्य छह माह से अधूरे पड़े हुए हैं। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यों की कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने समीक्षा की तो पता चला कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। कलेक्टर ने 6 माह से अप्रारंभ कार्यों तथा अपूर्ण निर्माण कार्यों पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों का अवलोकन करें। ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वनीय ग्रामों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के लिए कहा। ऐसे अधिकारी जो समय पर कार्य नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए त्वरित कार्यवाही करते हुए कहा कि वर्क साॅफ्टवेयर के माध्यम से किए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी। जिससे निर्माण कार्यों में कसावट एवं पारदर्शिता आएगी। उन्होंने अनुविभागवार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजीनियर द्वारा किए जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।
इन कार्यों को प्राथमिकता: विधायक निधि एवं सांसद निधि के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। सामुदायिक भवन निर्माण, सीसी रोड, पचरी, मंच, बोर खनन, पाइप लाइन विस्तारीकरण, पुलिया निर्माण, सांस्कृतिक मंच निर्माण, सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की।
बारिश के पहले करें काम: जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कहा कि नरवा के कार्य बरसात के पहले कर लें। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यों में अच्छी प्रगति होनी चाहिए। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता घोष ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1 हजार 640 कार्य किए जा रहे हैं। जिले में 9 एसडीओ आरईएस तथा 34 सब इंजीनियर द्वारा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरईएस द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीओ आरईएस तथा सब इंजीनियर जनपद पंचायत ग्रामीण विकास विभाग उपस्थित थे।