इंदिरा कला संगीत विवि का दक्षिण भारत में पहला एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) हुआ है। यह एमओयू कला, संस्कृति के साथ बौद्धिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विस्तार के लिए किया गया है। खास बात यह है कि दक्षिण भारत के पुडुचेरी (पांडिचेरी) के सीएम ने खुद इस एमओयू का प्रस्ताव विवि के सामने रखा था। जिसे स्वीकार करते हुए विवि ने एमओयू पर सहमति दी है।
दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध कला केंद्र भारथियार पलकलाईपूडम पुडुचेरी के बीच में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा दोनों कला केंद्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों को होने वाला है। एमओयू के मुताबिक दोनों कला केंद्रों के बीच आने वाले दिनों में सेमीनार, सांस्कृतिक आयोजन और विशेष प्रशिक्षण कक्षाओं का आयोजन होगा। इससे दोनों कला केंद्र के विद्यार्थी एक दूसरे की कला को बारीकी से समझेंगे। एक ढंग से कला की संपूर्णता भी आएगी। विद्यार्थियों का हुनर और निखरेगे।
हमारी मूर्ति-चित्रकला भी सीखेंगे स्टूडेंट्स
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आने वाले दिनों में पुडुचेरी के कला केंद्र में संगीत विवि के कुछ कोर्स भी संचालित होंगे। इनमें चित्रकला, मूर्तिकला, प्रिंटिंग, संगीत सहित अन्य विषयों पर भी कक्षाएं होंगी। इससे दक्षिण भारत के विद्यार्थी संगीत विवि के इन विधाओं और भारत के इस हिस्से के कला को समझेंगे और सीखे सकेंगे। पुडुचेरी के कला केंद्र में संचालित होने वाली विशेष विधाओं की कक्षाओं और विशेषज्ञों से संगीत विवि के विद्यार्थियों को भी टिप्स मिलेंगे।
पुडुचेरी सीएम व संस्कृति मंत्री खुद रहे मौजूद
एमओयू की प्रक्रिया पुडुचेरी में पूरी हुई। इस कार्यक्रम में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रामास्वामी, इंदिरा कला संगीत विवि की कुलपति पद्मश्री डॉ. ममता चंद्राकर, पुडुचेरी के कला व संस्कृति मंत्री चांदिरा प्रियांगा, संगीत विवि के कुलसचिव प्रो. डॉ. आईडी तिवारी, विधायक आर. भास्कर दत्त्छनामूर्ति, कला-संस्कृति विभाग के सचिव ए. नेंदुचेजियान (आईएएस), भारथियार पलकलाईपूडम के प्राचार्य डॉ. पीवी बोस समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
दक्षिण के कला विशेषज्ञों का मिल सकेगा सानिध्य
संगीत विवि में दक्षिण भारत के संगीत और नृत्य की कक्षाएं संचालित होती है। इसके लिए विवि के ही प्रोफेसर्स से विद्यार्थी सीखते आए हैं। अब इन विद्यार्थियों को इस एमओयू के माध्यम से दक्षिण के कला विशेषज्ञों का भी सानिध्य मिलेगा। संगीत विवि के प्रो. आईडी तिवारी ने बताया कि समय-समय पर दोनों कला केंद्रों के बीच विशेष आयोजन होंगे, इसमें एक दूसरे की कला और संस्कृति को एक्सचेंज की जाएगी। दक्षिण भारत में विवि का यह पहला एमओयू है।