कैलाश नगर में स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय से 10 लाख की चोरी का मामला सुलझ गया है। कोतवाली पुलिस ने चोरी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों कंपनी में बीते तीन साल से ठेका कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं।
चोरी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी राकेश साहू (28) और दीपांशु महोबिया (24) है। बिजली बिल कलेक्शन के 10 लाख रुपए को कार्यालय में मौजूद एटीपी के लॉकर में रखा गया था। बैंक बंद होने के चलते उक्त रकम जमा नहीं की गई थी। इसकी जानकारी राकेश और दीपांशु को थी। दोनों ने 22-23 मई की दरमियानी रात चोरी की प्लानिंग बनाई और कटर मशीन लेकर कार्यालय परिसर में दाखिल हो गए। जहां मेन गेट का ताला तोड़कर दोनों लॉकर के पास पहुंचे और कटर मशीन से लॉकर की चादर उखाड़कर रुपए लेकर फरार हो गए। कटर से लॉकर काटते वक्त राकेश साहू के हाथ में चोट लगी थी, इसी चोट ने पुलिस को मामला सुलझाने में पुलिस की बड़ी मदद कर दी।
कंपनी की बड़ी लापरवाही, बंद कैमरे से बढ़ी हिम्मत: मामले में बिजली कंपनी की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस लॉकर रुम में चोरी की वारदात हुई है, उसके सामने एक मात्र सीसी कैमरा लगा हुआ है। यह कैमरा भी बीते 6 महीने से बंद पड़ा है। इसकी जानकारी मुख्य आरोपी राकेश को पहले से ही थी। इसी का फायदा उठाकर उसने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। अपने साथी दीपांशु के साथ राकेश लॉकर रुम में घुस गया और चोरी कर भाग निकला।
आदतन अपराधी नहीं
आरोपी राकेश व दीपांशु आदतन अपराधी नहीं है। दोनों होनहार कर्मचारी रहे हैं। तीन साल से कंपनी में कार्यरत है। पूछताछ में राकेश ने बताया कि कम समय में अधिक रुपए जुटाने के चक्कर में उसकी नीयत बिगड़ गई। इसी चलते उसने वारदात को अंजाम दे दिया। सूत्रों ने बताया कि राकेश पर कुछ मामूली कर्ज भी था, जिसे चुकाने के लिए उसने यह बड़ा कदम उठा लिया। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की 8 लाख 65 हजार रुपए बरामद कर लिया है। कुछ रकम खर्च कर दी है।
पुलिस को किया गुमराह
पुलिस को संदेह हुआ कि चोरी में कंपनी के कुछ कर्मचारियों का ही हाथ है। इसी के चलते पुलिस ने कंपनी के अफसरों से लिस्ट लेकर परिसर में कार्यरत 8 कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया। यहां आरोपी राकेश साहू बार-बार अपने चोटें वाले हिस्से को छिपा रहा था, पुलिस की नजर उस पर पड़ी और हाथ में लगी चोट की वजह पूछी। पहले तो राकेश इधर-उधर की बातें कर पुलिस को गुमराह करने लगा, लेकिन बार-बार हुई पूछताछ में उसने दीपांशु के साथ मिलकर चोरी की वारदात करना स्वीकारा।