खैरागढ़। घोषणा के दो दिन बाद ही जालबांधा में उपतहसील कार्यालय खुल गया। वहां कार्यालय खुलने से ग्रामीण गद-गद है। जालबांधा क्षेत्र 28 गांव के ग्रामीणों को अब सीमांकन, बंटवारा, जाति, आय व भूमि संबंधी कार्यों के लिए खैरागढ़ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। खैरागढ़ तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार रश्मि दुबे को उपतहसील कार्यालय जालबांधा में पदस्थ कर दिया गया है। इसी तरह से साल्हेवारा को भी तहसील बनाने की अधिसूचना जारी हो गई है।
उपचुनाव जीतने पर खैरागढ़ को नया जिला बनाने के साथ ही कांग्रेस ने साल्हेवारा को पूर्ण तहसील का दर्जा देने पर जालबांधा में उप तहसील की स्थापना का वादा किया था। जीत के तीन घंटे के भीतर मुख्यमंत्री ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को नया जिला बनाने की घोषणा कर दी। बड़ी बात यह है कि उस घोषणा के दो दिनों बाद ही प्रशासन ने जालबांधा में उप तहसील कार्यालय शुरू भी कर दिया।
एसडीएम टंकेश्वर साहू, एसडीओपी दिनेश सिन्हा, जनपद सीइओ रोशनी भगत, तहसीलदार प्रीतम साहू सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने जालबांधा पहुंचकर वहां उपतहसील कार्यालय के लिए जगह तलाशी। पंचायत भवन के बाजू में संचालित होने वाले पशु चिकित्सालय भवन को फिलहाल उपतहसील कार्यालय बनाया गया है।
जालबांधा में उपतहसील कार्यालय की पुरानी मांग भी पूरी हो गई है। जालबांधा सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक ग्रामों के लोगों को अब तहसील और राजस्व कार्यों के लिए खैरागढ़ आने की जरूरत नहीं पडे?गी। इससे लोगों का समय बचेगा और जालबांधा में ही राजस्व से जुड़े कार्य आसानी से पूरे हो जाएंगे।
जगह तलाश मशक्कत
विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जालबांधा में उपतहसील बनाए जाने की घोषणा की थी। शनिवार को उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने खैरागढ़ को जिला, साल्हेवारा को तहसील और जालबांधा को उपतहसील बनाए जाने की घोषणा की थी। सोमवार को एसडीएम टंकेश्वर साहू ने पशु चिकित्सालय भवन में पर्याप्त जगह होने के बाद अस्थाई तौर पर उपतहसील कार्यालय
केसीजी में जुड़ेगे डोंगरगढ़ के 100 गांव
खैरागढ़ (नईदुनिया न्यूज)। विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को संयुक्त जिला बनाने की घोषणा की है। सीएम बघेल की घोषणा के बाद प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के 33वें जिले के स्वरूप को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं आई है। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने शासन को जिला निर्माण संबंधी बुनियादी जानकारियां प्रेषित कर दी है। जिसमें नये जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की आबादी, क्षेत्रफल, ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र की संख्या, कुल ग्राम पंचायतें, तहसील, विकासखंड सहित वन आदि की जानकारी शामिल है। नये जिले केसीजी में खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ ही खैरागढ़ विकासखंड के सभी गांव शामिल होंगे।
नये जिले केसीजी को अस्तित्व में लाने के लिए खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के साथ ही डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तकरीबन 100 गांव भी नये जिले में शामिल हो जाएंगे। दरअसल खैरागढ़ विकासखंड के अंतर्गत डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के तकरीबन 91 बूथ आते हैं। वहीं खैरागढ़ विकासखंड के तकरीबन 100 गांव की आबादी डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से खैरागढ़ से लगे पेंड्रीकला तथा नगर पालिका की सीमा अमलीडीह खुर्द के बाद डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र शुरू हो जाता है और इस क्षेत्र में लगभग 100 गांव खैरागढ़ विकासखंड व तहसील का हिस्सा है। जिसे नये जिले केसीजी में मर्ज किया जाएगा। बहरहाल आने वाले कुछ दिनों में नये जिले केसीजी का स्वरूप कैसा होगा यह तय हो जाएगा।