विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में हर साल 7 लाख से ज्यादा लोग सुसाइड करते हैं. यानी, जितने लोग मलेरिया, ब्रेस्ट कैंसर, एचआईवी से नहीं मरते, उससे ज्यादा सुसाइड से मर जाते हैं. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 15 से 29 साल के युवाओं में मौत की चौथी सबसे बड़ी वजह आत्महत्या है. कुछ दिन पहले चौमा रेलवे क्रॉसिंग पर दो लाश मिली. पहचान हुई तो पता चला कि एक लाश 35 साल के महेंद्र सिंह की है और दूसरी उनके दो साल के बेटे पुनीत की उन्होंने आत्महत्या की थी. महेंद्र अपने बेटे को साथ लेकर ट्रेन के आगे कूद गए थे. महेंद्र सिंह गुरुग्राम के बजघेरा गांव के रहने वाले थे. जिस दिन उन्होंने आत्महत्या की, उससे 6 दिन पहले ही उनकी पत्नी पूजा किसी के साथ भाग गई थी. इस बात से महेंद्र इतने परेशान हुए कि दो साल के बेटे को साथ लेकर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी और अपनी जान दे दी.दो दिन बाद महाराष्ट्र के धुले जिले में स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर प्रवीण विश्वनाथ कदम ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. उन्होंने एक सुसाइडनोट भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने सिर्फ इतना लिखा कि इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है