मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दो मई से प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र का दौरा शुरू करेंगे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रशासन को भी नहीं होगी। जिला प्रशासन को 24 घंटे (एक दिन) पहले ही दौरे की जानकारी दी जाएगी, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई का पता चल सके।
विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री आम लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों से मुलाकात करेंगे। यही नहीं, जनता से सीधा सवाल-जवाब करके सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेंगे। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण मुख्यमंत्री का दौरा और जनता से सीधा संवाद का कार्यक्रम करीब दो साल बाद होने जा रहा है। इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय के आला अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल शासकीय योजनाओं के क्रियांवयन की समीक्षा करेंगे। इस दौरान लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गाज भी गिर सकती है। मुख्यमंत्री प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियांवयन का जमीन स्तर पर अवलोकन करेंगे। आम लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों से चर्चा कर फीड बैक भी लेंगे।दौरे के दौरान मुख्यमंत्री बघेल गांवों, तहसील कार्यालयों, पुलिस थानों, जनपद कार्यालयों, स्कूलों, आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों के कामकाज और सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत अधोसंरचनाओं की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ गोठान से लेकर सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक भी अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं पर नजर रखे हुए हैं।
इन योजनाओं पर रहेगी सीएम की खास नजर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुराजी गांव योजना के अंतर्गत नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मिलेट मिशन, श्री धंवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना, वन अधिकार कानून, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, जल जीवन मिशन आदि योजनाओं, कार्यक्रमों और अभियानों की समीक्षा करेंगे।