छत्तीसगढ़सुकमा जिला

CG : पारंपरिक विरासत के संरक्षण और जनजातीय कला के प्रोत्साहन का भव्य आयोजन

सुकमा, बस्तर संभाग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव एवं सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन के निर्देशन में बस्तर पंडुम 2025 का विकासखंड स्तरीय आयोजन गुरुवार को बालक सेजेस हायर सेकेंडरी स्कूल, जिन्दगढ़ में संपन्न हुआ।
इस आयोजन में स्थानीय लोक कला, शिल्प, रीति-रिवाज, तीज-त्योहार, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य कला, व्यंजन और पेय पदार्थों के मूल स्वरूप को संरक्षित करने की दिशा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी समाज प्रमुखों और सिरहा-गायता पूजारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में बस्तर पंडुम 2025 को पारंपरिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण मंच बताते हुए इसे जनजातीय कलाकारों के लिए प्रोत्साहनकारी बताया।
पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां
आयोजन के दौरान विभिन्न पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें आदिवासी कलाकारों ने अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
स्टॉलों का निरीक्षण और पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन
कार्यक्रम में विभिन्न पारंपरिक व्यंजन और पेय पदार्थों के स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों ने अवलोकन किया। स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान को प्रदर्शित करने वाले इन स्टॉलों को दर्शकों ने खूब सराहा।
बस्तर पंडुम 2025 का यह आयोजन जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जिससे क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को नई पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य हूंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य संजना नेगी, जनपद अध्यक्ष देवली बाई नाग, जनपद सदस्य बुधरा मुचाकी, जनपद सदस्य रघुनाथ कश्यप, जनपद सदस्य बेदन राम नाग, छिंदगढ़ सरपंच सुकमति पुजारी, माहेश्वरी बघेल, सुकालू राम नाग, समाज प्रमुख राजू राम नाग, हरि राम कश्यप, मनमोहन बृज, एसडीएम विजय प्रताप खेस, सीईओ पीके गुप्ता, एडीईओ मिथलेश भास्कर, सहायक आंतरिक करारोपण अधिकारी मनी राम कोड़ोपी, पैकरा  सहित नागरिकगण उपस्थित थे।

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