कोरोना का खतरा फिर बढ़ रहा है … दुनिया के इन देशों समेत भारत में कितने एक्टिव केस

मुंबई में नवजात मिला कोरोना पॉजिटिव; क्या है नया वैरिएंट JN.1?
मुंबई के KEM अस्पताल में कैंसर-किडनी के दो मरीजों की मौत, उनके कोविड पॉजिटिव आने से भी चर्चा में बनी हुई है. क्योंकि हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन में बढ़ रहे कोविड के मामले और मौतों ने भारत में भी चिंता बढ़ाई है.
मुंबई:
कोरोना वायरस की वापसी की खबर अब ज़्यादा डराती नहीं, लेकिन जिस तरह से एशियाई देशों में मामले तेज़ी से बढ़े हैं, हमारा सचेत होना ज़रूरी है. भारत में बीते एक हफ़्ते में ही 150 से ज़्यादा नए कोविड मरीज़ दिखे. मुंबई में करीब 53 कोविड के मामले बताए जा रहे हैं. मुंबई में बुजुर्ग के साथ ही नवजात बच्चे भी कोविड पॉजिटिव होते दिख रहे हैं.
4 महीने का एक नवजात भी कोविड पॉजिटिव है. सांस की तकलीफ़ के साथ मुंबई के केजे सोमैया अस्पताल में भर्ती हुआ. आठ दिन वेंटिलेटर पर रहा, अब ऑक्सीजन पर है. बच्चे-बुजुर्ग-और पहले से बीमार जैसे कमजोर वर्ग को कोविड ज़्यादा सता रहा है.बाल रोग विशेषज्ञ डॉ इरफ़ान अली ने बताया कि मरीज़ जब आया था तो गंभीर हालत में था, सांस में दिक्कत थी, लंग्स में पानी भरा था, कोविड पॉजिटिव आया, वेंटिलेटर से बाहर आया है, लेकिन अब भी ऑक्सीजन की ज़रूरत है. अस्पताल में सांस की तकलीफ़ का एक और बच्चा है, कोविड का संदिग्ध मरीज़ है, उसकी टेस्ट रिपोर्ट आनी है.
पहले जैसी घबराहट की जरूरत नहीं- महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री
महाराष्ट्र में फिलहाल 56 सक्रिय कोविड मरीज़ हैं. बड़ी संख्या मुंबई से मिले मरीज़ों की बताई जा रही है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर कहते हैं, डरने की ज़रूरत नहीं है, केंद्र सरकार से निर्देश का इंतज़ार है. उन्होंने कहा कि मरीज सामने आते रहेंगे, लेकिन कोरोना अब पहले जैसा नहीं रहा. मरीज सामान्य रूप से रह सकते हैं, पहले जैसी घबराहट की जरूरत नहीं है. मरीजों की पहचान की जरूरत नहीं है. जिन मरीजों को पहले से कोई बीमारी है, उन्हें विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है. अभी किसी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) की आवश्यकता नहीं है. यदि केंद्र सरकार से कोई निर्देश आता है, तो हम उसका पालन करेंगे.
भारत में कोविड के 257 सक्रिय मरीज़ हैं.
पिछले एक हफ़्ते में ही 164 नए मामले देश ने देखे हैं.
महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा मामले हैं.
महाराष्ट्र में एक हफ़्ते में कोविड के 44 नए मरीज़ मिले हैं.मुंबई के KEM अस्पताल में कैंसर-किडनी के दो मरीजों की मौत, उनके कोविड पॉजिटिव आने से भी चर्चा में बनी हुई है. क्योंकि हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन में बढ़ रहे कोविड के मामले और मौतों ने भारत में भी चिंता बढ़ाई है. इस साल कोविड का नया वैरिएंट JN.1 परेशान कर रहा है.
हालांकि WHO ने पहले कहा था कि JN.1 और इसके जैसे वेरिएंट्स में इम्यून सिस्टम से बचने की क्षमता होती है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं कि ये पुराने ओमिक्रॉन वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी करते हैं या नहीं.
दुनिया में एक बार फिर से कोविड-19 (Corona Virus) का खतरा सामने आ रहा है, जिसके बाद दुनियाभर के देश चिंता में आ गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हांगकांग, सिंगापुर और थाईलैंड में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं। इन देशों में लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या बढ़ रही है। भारत में भी ‘मामूली’ वृद्धि देखी जा रही है।
भारत में इस समय कोविड-19 के 257 एक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। बता दें कि हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड के अलावा चीन में भी कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 27 अप्रैल से 3 मई 2025 के सप्ताह में कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़कर 14,200 हो गई, जबकि पिछले सप्ताह यह संख्या 11,100 थी।
हांगकांग में भी तेजी से बढ़ रहे केस
इस अवधि में सिंगापुर के अंदर कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की औसत संख्या 102 से बढ़कर 133 हो गई। थाईलैंड में 11 मई से 17 मई के बीच मामले बढ़कर 33,030 हो गए, जबकि बैंकॉक में 6,000 मामले सामने आए। इसी तरह हांगकांग में भी कोविड-19 के मामलों में सिर्फ 4 हफ्तों (6 से 12 अप्रैल) के अंदर 6.21% से 13.66% की वृद्धि हुई।
चीन में भी तेजी से फैल रहा वायरस
चीनी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च से 4 मई के बीच चीन में कोविड-19 के लिए पॉजिटिव परीक्षण करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। क्लीनिक और आपातकालीन कक्षों में जाने वाले फ्लू जैसे लक्षणों वाले रोगियों में पॉजिटिविटी दर 7.5% से बढ़कर 16.2% हो गई। अस्पतालों में भर्ती होने वालों की दर 3.3% से बढ़कर 6.3% हो गई है।
मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी
थाईलैंड में, ओमिक्रॉन के एक स्ट्रेन, XEC वैरिएंट के कारण मामलों में वृद्धि हुई है। इसका कारण सोंगक्रान अवकाश अवधि (13 अप्रैल से 15 अप्रैल) हो सकता है, जिसके दौरान मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई।
क्यों बढ़ रहे कोवि-19 केसेस
सिंगापुर के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मामलों में बढ़ोतरी का कारण जनसंख्या में प्रतिरक्षा में कमी और नए वेरिएंट, एलएफ.7 और एनबी.1.8 का प्रसार है, जो 2024 में सामने आए जेएन.1 वेरिएंट के नए वेरिएंट हैं।
क्या बेअसर हो रहा वैक्सीनेशन?
एक बार फिर से कोरोना वायरस फैलने का मतलब है कि पिछले संक्रमणों या टीकाकरण से सुरक्षा धीरे-धीरे समय के साथ कम होती जा रही है। इसलिए वायरस तेजी से फैल रहा है, खासकर 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों जैसे उच्च जोखिम वाले समूहों में। इसके अलावा, मौसमी कारक, सामाजिक मेलजोल में वृद्धि और यात्रा भी मामलों में वृद्धि में योगदान देने में मददगार हो सकती है।






