किसानों को सोसायटियों से वर्मी कंपोस्ट खाद लेना अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन वर्मी खाद के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। खाद की बोरी में वर्मी कंपोस्ट की जगह मिट्टी भरी जा रही है। यह सब गोबर खरीदी की गड़बड़ी को छिपाने के लिए हो रहा है। मंगलवार को वर्मी खाद की बोरी में मिट्टी मिलाने की खबर मिली तो भाजपा के कार्यकर्ता टूरिस्ट पार्किंग ग्राउंड स्थित मणिकंचन केंद्र पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी व मंडल अध्यक्ष अमित जैन सुबह आठ बजे पहुंचे। मौके पर स्वच्छता दीदी वर्मी कंपोस्ट की बोरी में मिट्टी भरती हुई मिली। पूछने पर बताया गया कि नगर पालिका के अफसरों के आदेश के अनुसार गोबर खाद कम और मिट्टी की मात्रा ज्यादा कर ही पैकिंग कर रही है। परिसर में मिट्टी की खेप के निशान भी मिले। सब इंजीनियर किशोर ठाकुर भी मौके पर पहुंचे लेकिन सवालों का जवाब नहीं दे पाए। सीएमओ यमन देवांगन व कृषि विस्तार अधिकारी प्रमोद वर्मा पहुंचे तो हंगामा और बढ़ा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।
बोरियों को तौला तो सिर्फ 22 व 25 किलो निकली
वर्मी कंपोस्ट की बोरी में खाद से ज्यादा मिट्टी की मिलावट तो हो रही है साथ ही प्रत्येक बोरी में पांच-आठ किलो तक वजन कम भरा जा रहा है। मौके पर हाल ही में पैकिंग हुई बोरियों को तौला गया तो 22 और 25 किलो की निकली। पैकिंग का जिम्मा स्वच्छता दीदियों को दिया गया है। बिना वजन के अनुमान लगाकर मिट्टीयुक्त खाद भरी जा रही है। इस दौरान विजेंद्र सिंह ठाकुर, राकेश अग्रवाल, सुमित मिश्रा व अन्य मौजूद रहे।
कचरा कलेक्शन छोड़ बोरी पैक करा रहे अफसर
वर्मी खाद सप्लाई के लिए दबाव इतना है कि शहर में कचरा कलेक्शन करने वाली दीदियों को डोर-टू-डोर न भेजकर बोरी पैकिंग में लगा दिया गया है। इस वजह से रोजाना घरों से कचरा नहीं उठ रहा है। जबकि महिलाओं को केवल कचरा कलेक्शन का मानदेय ही दिया जा रहा है। इसे लेकर भी भाजपा ने हंगामा किया। इधर शासन से बोरी नहीं मिलने की वजह से सुपर कंपोस्ट को वर्मी की बोरी में सप्लाई किया जा रहा है।
खाद की सैंपलिंग लेकर लैब टेस्टिंग की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि जो खाद सोसायटियों में सप्लाई किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता की जांच हो। इसलिए लैब टेस्टिंग किया जाए। सोसायटियों में सप्लाई करने से पहले प्रत्येक खेप की जांच होनी चाहिए। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो रहा है। एसडीओ कृषि प्रमोद वर्मा ने कंपोस्ट खाद की जांच करने के बाद ही सोसायटियों में सप्लाई करने की बात कही।
मामले की जांच कराएंगे
सब इंजीनियर व नोडल अधिकारी किशोर ठाकुर ने बताया कि बोरियों में कम वजन निकलना जांच का विषय है। वहीं कंपोस्ट की जगह मिट्टी भरने को लेकर मणिकंचन केंद्र के प्रभारी ही बता पाएंगे।
कार्रवाई होगी: देवांगन
नगर पालिका सीएमओ यमन देवांगन ने बताया कि मामले की पूरी जांच होगी। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर सैंपलिंग के लिए भेजा गया है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।