दस साल की बच्ची को बेर खिलाने के बहाने आरोपी खेत में ले गया, जहां उसने मासूम से दरिंदगी की। फिर बच्ची के स्वेटर से ही उसका गला घोंट दिया और शव को कुंए में फेंक दिया था। पाली में एक 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। आरोपी बच्ची को बेर खिलाने के बहाने से खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची के स्वेटर से ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। जैसे ही पॉक्सो कोर्ट का फैसला आया, मासूम के पिता रोते हुए बोले-आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।
पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 के जज सुरेन्द्र कुमार ने 22 साल के आरोपी नरपत सिंह उर्फ नपसा को फांसी की सजा सुनाई है। पीड़िता के वकील कमलेश दवेरा ने बताया कि घटना 24 जनवरी 2022 को हुई थी। आरोपी मासूम को बेर खिलाने के बहाने खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने मासूम के स्वेटर से उसका गला घोंटा सिर पर लाठी-डंडे से वार कर हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया था। घटना के बाद आरोपी गांव के पास ही एक खेत में छिपा रहा। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची का शव कुएं से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोर्ट के बाहर आरोपी ने लोगों को धमकायापाली के पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 में शनिवार को आरोपी की पेशी हुई। जैसे ही आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई, बच्ची के पिता रोने लगे। वो कहने लगे कि आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। वहीं सजा सुनने के बाद भी आरोपी को कोई अफसोस नहीं हुआ। वह कोर्ट के बाहर आने पर लोगों को धमकाने लगा। वह वीडियो बनाने वालों पर चिल्लाया और गालियां तक देने लगा। इस दौरान पुलिस से छुड़ाकर भागने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे दबोच दिया।पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के जज सुरेन्द्र कुमार की और से सुनाई गई इस सजा की पुष्टि के लिए फाइल हाईकोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन की और से सुनाई गई सजा के विरूद्ध आरोपी पक्ष हाई कोर्ट में अपील भी कर सकता है अब आगे क्या होगापाली के पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के जज सुरेन्द्र कुमार की और से सुनाई गई इस सजा की पुष्टि के लिए फाइल हाईकोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन की और से सुनाई गई सजा के विरूद्ध आरोपी पक्ष हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं।इन धाराओं में सुनाई सजाधारा-302 : फांसी की सजा, 1 लाख रुपए का जुर्माना, जुर्माना नहीं जमा करवाने पर 2 साल की अतिरिक्त सजा।धारा-366 : 5 साल का कठोर कारावास, 50 हजार जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 1 साल की सजा अतिरिक्त।धारा-201 : 3 साल का साधारण कारावास और 10 हजार का जुर्माना। जुर्माना जमा नहीं करवाने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास।पॉक्सो एक्ट की धारा 5M, धारा 6 : मरते दम तक कारावास, 1 लाख का जुर्माना। जुर्माना राशि नहीं जमा करवाने पर 2 साल की सजा।
दस साल की बच्ची को बेर खिलाने के बहाने आरोपी खेत में ले गया, जहां उसने मासूम से दरिंदगी की। फिर बच्ची के स्वेटर से ही उसका गला घोंट दिया और शव को कुंए में फेंक दिया था। पाली में एक 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। आरोपी बच्ची को बेर खिलाने के बहाने से खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची के स्वेटर से ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। जैसे ही पॉक्सो कोर्ट का फैसला आया, मासूम के पिता रोते हुए बोले-आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।
पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 के जज सुरेन्द्र कुमार ने 22 साल के आरोपी नरपत सिंह उर्फ नपसा को फांसी की सजा सुनाई है। पीड़िता के वकील कमलेश दवेरा ने बताया कि घटना 24 जनवरी 2022 को हुई थी। आरोपी मासूम को बेर खिलाने के बहाने खेत में ले गया और दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने मासूम के स्वेटर से उसका गला घोंटा सिर पर लाठी-डंडे से वार कर हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया था। घटना के बाद आरोपी गांव के पास ही एक खेत में छिपा रहा। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची का शव कुएं से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोर्ट के बाहर आरोपी ने लोगों को धमकायापाली के पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 में शनिवार को आरोपी की पेशी हुई। जैसे ही आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई, बच्ची के पिता रोने लगे। वो कहने लगे कि आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। वहीं सजा सुनने के बाद भी आरोपी को कोई अफसोस नहीं हुआ। वह कोर्ट के बाहर आने पर लोगों को धमकाने लगा। वह वीडियो बनाने वालों पर चिल्लाया और गालियां तक देने लगा। इस दौरान पुलिस से छुड़ाकर भागने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे दबोच दिया।पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के जज सुरेन्द्र कुमार की और से सुनाई गई इस सजा की पुष्टि के लिए फाइल हाईकोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन की और से सुनाई गई सजा के विरूद्ध आरोपी पक्ष हाई कोर्ट में अपील भी कर सकता है अब आगे क्या होगापाली के पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन के जज सुरेन्द्र कुमार की और से सुनाई गई इस सजा की पुष्टि के लिए फाइल हाईकोर्ट भेजी जाएगी। इसके साथ ही पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन की और से सुनाई गई सजा के विरूद्ध आरोपी पक्ष हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं।इन धाराओं में सुनाई सजाधारा-302 : फांसी की सजा, 1 लाख रुपए का जुर्माना, जुर्माना नहीं जमा करवाने पर 2 साल की अतिरिक्त सजा।धारा-366 : 5 साल का कठोर कारावास, 50 हजार जुर्माना। जुर्माना नहीं देने पर 1 साल की सजा अतिरिक्त।धारा-201 : 3 साल का साधारण कारावास और 10 हजार का जुर्माना। जुर्माना जमा नहीं करवाने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास।पॉक्सो एक्ट की धारा 5M, धारा 6 : मरते दम तक कारावास, 1 लाख का जुर्माना। जुर्माना राशि नहीं जमा करवाने पर 2 साल की सजा।