छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिलाराजनीति

अस्पतालों में मुख्यमंत्री के भेंट मुलाक़ात की ज्यादा जरुरत- मोनू बहादुर


० असुविधाओं से जूझते अस्पतालों की सुध क्यों नहीं लेते भूपेश बघेल जी ?
राजनाँदगाँव। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोनू बहादुर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट मुलाक़ात कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री जहाँ भेंट मुलाक़ात के जरिये शहरी क्षेत्रों में चौपाल लगा रहे हैं वहीँ स्थानीय अस्पतालों को झाँकने भी नहीं जा रह हैं जबकि सबसे ज्यादा भेंट मुलाक़ात करने की जरुरत अस्पतालों में ही है जहाँ लगातार आम जनता सुविधाओं से जूझ रही है और कोई उनकी बात सुनने वाला नहीं है ।
मोनू बहादुर सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि राजनाँदगाँव में पूर्व मुख्यमंत्री श्री डाक्टर रमन सिंह जी ने करोड़ों की लागत से मेडिकल कालेज की स्थापना की लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री ना तो मेडिकल कालेज हॉस्पिटल की सुध ले रहे हैं और ना ही बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल की ।
मोनू ने कहा कि रोज दर्जनों मरीज दूसरे शहर के निजी अस्पताल रिफर किये जा रहे हैं । अब तक शहर के किसी सरकारी अस्पताल में न्यूरो सर्जन की व्यवस्था नहीं है । डायलिसिस के लिए रोज लोगों को भटकना पड़ रहा है । मेडिकल कालेज व् जिला अस्पताल से रोज ख़बरें आती हैं कि मरीजों को दूसरे शहर रिफर किया जा रहा है लें कांग्रेस की गूंगी बहरी सरकार तक आम जनता की ये तकलीफें क्यों नहीं पहुँच पा रही हैं ?
मोनू बहादुर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल किया है कि क्या वो अस्पताल जा कर उन मरीजों से भेंट मुलाक़ात से डरते हैं जो अपनी समस्याओं के सवाल से उन्हें निरुत्तर कर सकते हैं या फिर मुख्यमंत्री संस्कारधी की जनता को अच्छे स्वास्थ्य सुविधा से जान बूझकर वंचित रखना चाहते हैं।
मोनू बहादुर सिंह ने कहा कि पिछले जितने भी स्थानों पर मुख्यमंत्री ने भेंट मुलाक़ात किया है वहां तक़रीबन हर जगह अस्पतालों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं लेकिन उन्हें टाल दिया गया।
मोनू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर लापरवाही का गंभीर ारायप लगाते हुए कहा है कि पिछले दिनों जब मृतक बहन महिमा नेताम के बीस दिन में मृत्यु हो जाने के मामले में उनके पिता ने सार्वजनिक रूप से सवाल किया तब भी उनकी बातों को टाल दिया गया जबकि वो ता,मम जगहों पर इस मामले की शिकायत कर चुके हैं ।
मोनू ने सवाल किया है कि जब इस भेंट मुलाक़ात के जरिये सिर्फ प्रायोजित प्रश्न पुछवाने हैं तो फिर इतना झूठ फरेब कर के इस कार्यक्रम का आम जनता के बीच महत्त्व क्या है ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *