व्यापार मेले में 12 से अधिक दुकानें और शोरूम में लगी आग
देश के प्रमुख बड़े मेले में शुमार व्यापार मेला में सोमवार सुबह अचानक आग लग गई। आग की लपटों ने हैंडलूम की अनेक दुकानों और गोदामों को राख में बदल दिया। फिर कई शोरूम को भी अपनी चपेट में ले लिया। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान होने के अनुमान हैं। ग्वालियर में सोमवार सुबह से मौसम खराब है और बूंदाबांदी हो रही है। दुकानदार ठंड के चलते अपनी दुकानों में दुबके बैठे थे कि अचानक उन्हें छतरी क्रमांक पांच और छह की तरफ धुएं का गुबार उठता दिखा। दुकानदारों ने जब तक देखा, तब तक आग की लपटें आसमान छूने लगीं थीं। आग लगने की खबर और नजारा देख मेले में भगदड़ मच गई। दुकानदारों ने पहले खुद आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग बढ़ती ही गई। इस बीच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी वहां पहुंच गईं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने की शुरूआत मेले के छतरी 5-6 से हुई। इस इलाके में आगे हैंडलूम की दुकान है और उन्हीं के पीछे इनके गोदाम बने हुए हैं। आग का धुआं वहीं से उठना शुरू हुआ, लेकिन आज यहां ठंड बहुत है और बरसात भी हो रही है। इसलिए पहले लोगों को इसका आभास नहीं हुआ। लेकिन जब आग ने जोर पकड़ लिया और धुएं के गुबार आसमान पर छाने लगे, उसके बाद दुकानदार और अन्य लोगों को आभास हुआ कि आग लग गई। इसको देखकर दुकानदार आग की तरफ भागे, लेकिन तब तक धुआं आग की तेज लपटों में बदल चुका था। लोगों ने इकट्ठा होकर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग आगे ही बढ़ती जा रही थी। आग के लगातार फैलते जाने से मेले के व्यापारी बुरी तरह भयभीत हो गए और वहां हडकंप के साथ भगदड़ मच गई। दुकानदार अपने माल को सुरक्षित करने में जुट गए, लेकिन बूंदाबांदी के चलते उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। इस बीच एक दर्जन से ज्यादा दुकानें आग की चपेट में आकर जल चुकीं थी।इस बीच सूचना पाकर मेले में तैनात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई। साथ ही शहर से भी सभी गाड़ियां वहां पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। लेकिन गाड़ियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ाष क्योंकि दुकानों को सुरक्षित रखकर आग बुझाना दिक्कत का काम है, इसके बावजूद फायर ब्रिगेड को अनेक दुकानों को तोड़ना पड़ा।



