क्राइमछत्तीसगढ़रायपुर जिला

सिरफिरे युवक ने माता-पिता, भाई-बहन समेत 5 की कुल्हाड़ी से की हत्या, फिर कर ली खुदकुशी

जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम मटियारी (सीपत) में युवक ने अपने मां, पिता, दो भाई व बहन सहित पांच लोगों की हत्या कर दी और खुद ट्रेलर के सामने कूदकर जान दे दी। इस वारदात के बाद अब उस परिवार में कोई भी नहीं बचा है। एक साथ छह लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम है। दोपहर को सभी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। ग्राम मटियारी निवासी रोशन कुमार पिता रूपदास सूर्यवंशी 22वर्ष ने शुक्रवार की तड़के करीब 3 बजे इस वारदात को अंजाम दिया। उसने टांगी से अपने पिता रूपदास सूर्यवंशी 45 वर्ष, मां संतोषी भाई 40 वर्ष, बहन कामिनी 14 वर्ष, भाई ऋषि 15 वर्ष व रोहित सूर्यवंशी 20 वर्ष पर ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के समय सभी गहरी नींद में सो रहे थे और उन्हें इस वारदात का पता नहीं चला। रोशन के घर पंधी से उसका 12 साल का ममेरा भाई आकाश हरेली पर मेहमानी करने आया था तब से वह यहीं ठहर गया था। रात को वह ऋषि के साथ ही सोया हुआ था। रोशन ने ऋषि पर जब टांगी से वार किया तो उसकी नींद खुली और वह घबरा गया। उसने मना किया पर रोशन के सिर पर खून सवार था वह रुका नहीं और ऋषि के सिर पर ताबड़तोड़ हमला करता रहा। आकाश को उसने चुप रहने के लिए लिए कहा। उसे धमकाया। कहा यदि वह शांत नहीं रहा तो उसकी भी हत्या कर देगा। रोशन तब तक बाकी लोगों की हत्या कर चुका था।

वह आकाश को चुपचाप अपने गांव चले जाने के लिए कहा तो वह साइकिल उठाकर भागते मटियारी से दो किलोमीटर दूर पंधी आ गया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। फिर सभी मटियारी पहुंचे। इस दौरान रोशन ने घर के सामने सड़क पर आकर किसी भारी वाहन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली थी। उसका शव सड़क पर क्षत विक्षत पड़ा हुआ था। इधर एक साथ परिवार के सभी छह लोगों की मौत की सूचना से पूरा गांव दहल गया। भीड़ जुट गई। घटना का एकमात्र गवाह आकाश ही बचा था। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और आकाश से घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की फिर शव को पोस्टमार्टम कराने सीपत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। दोपहर को सभी 6 का परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में ही अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव में मातम पसरा रहा। मरने वालों ने ऋषि नवमीं का छात्र था और कामिनी आठवीं में पढ़ती थी। रोहित ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और माता-पिता के साथ रोजी मजदूरी करने जाता था। रोशन बिलासपुर के एक फैक्ट्री में काम करता था। गुरुवार से लॉकडाउन के कारण वह घर पर ही था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। सभी एक छोटे से घर में रहते थे। रोशन अधिक किसी से बातचीत नहीं करता था। चचेरे भाई के अनुसार एक-दो दिन पहले उसने रोशन को अपने घरवालों के साथ झगड़ते सुना था पर गुरुवार की रात को ऐसा कुछ नहीं हुआ था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *