टमाटर चोरी के आरोप में खेत में घुसे पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत, खेत मालिक गिरफ्तार
कबीरधाम जिले के रणवीरपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम कोहड़िया में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। टमाटर की फसल को चोरी और जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में लगाए गए करंट युक्त जीआई तार ने पिता और पुत्र की जान ले ली। इस हादसे के बाद पुलिस ने खेत मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। आइए, जानते हैं कि आखिर ये दुखद घटना कैसे हुई और इसके पीछे की वजह क्या थी।
क्या हुआ कोहड़िया में?
27 अगस्त 2025 की रात को कबीरधाम जिले के कोहड़िया गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को गांव के जहरू निषाद (60 वर्ष) और उनके बेटे श्रवण निषाद (30 वर्ष) खेत के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान वे खेत में बिछाए गए करंट वाले जीआई तार की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सोमवार सुबह जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो उन्होंने पिता-पुत्र के शव देखे। इस दृश्य ने सभी को हिलाकर रख दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद रणवीरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हादसे की वजह क्या थी
पुलिस जांच में सामने आया कि खेत के मालिक विशाल पटेल (50 वर्ष) ने अपनी टमाटर की फसल को चोरी और जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर जीआई तार बिछाकर उसमें बिजली का करंट प्रवाहित किया था। बीते कुछ समय से उनके खेत में टमाटर चोरी की घटनाएं हो रही थीं, और जंगली जानवर भी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। इस समस्या से निपटने के लिए विशाल ने यह खतरनाक कदम उठाया, जो दो जिंदगियों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
पुलिस ने बताया कि खेत में करंट छोड़ना गैरकानूनी है और यह हादसा उसी की वजह से हुआ। इस लापरवाही के लिए खेत मालिक विशाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गांव में शोक और गुस्सा
इस हादसे ने कोहड़िया गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि फसल की चोरी और जानवरों से नुकसान की समस्या से सभी परेशान थे, लेकिन इसका समाधान इस तरह की खतरनाक हरकत नहीं हो सकता। दो जिंदगियों के चले जाने से गांव का माहौल गमगीन है। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
रणवीरपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए खेत मालिक को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खेत में करंट छोड़ना न केवल अवैध है, बल्कि यह जानलेवा भी है। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि फसल की सुरक्षा के लिए वैध और सुरक्षित तरीके अपनाएं। बिजली के तारों का इस्तेमाल इस तरह करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल सकता है।
कैसे रोकी जाएं ऐसी घटनाएं
इस दुखद घटना ने एक बार फिर हमें सोचने पर मजबूर किया है कि फसल की सुरक्षा के लिए सही और सुरक्षित उपायों की जरूरत है। कुछ उपाय जो किसान अपना सकते हैं:
- खेत की बाड़बंदी: मजबूत तारों या जालियों से खेत की घेराबंदी करें।
- सुरक्षा उपकरण: सोलर फेंसिंग या अन्य वैध उपकरणों का उपयोग करें।
- जागरूकता: ग्रामीणों को चोरी और नुकसान के प्रति जागरूक करें और सामुदायिक निगरानी बढ़ाएं।
- कानूनी सलाह: कोई भी उपाय करने से पहले स्थानीय प्रशासन से सलाह लें।
कोहड़िया गांव की यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है। फसल की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इंसानी जिंदगियां उससे कहीं ज्यादा कीमती हैं। इस तरह की लापरवाही से बचने के लिए हमें जागरूक और सावधान रहना होगा। प्रशासन और पुलिस को भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। आइए, हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।