ऑपरेशन महादेव: अमित शाह ने सम्मानित किए वीर जवानों, पहलगाम हमले के आतंकियों को दी सजा
नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के उन नन्हें जवानों को सम्मानित किया, जिन्होंने ऑपरेशन महादेव को अंजाम देकर पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा किया। यह अभियान न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है, बल्कि यह भी साबित करता है कि हमारे जवान किसी भी कीमत पर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं आइए, जानते हैं इस ऑपरेशन और सम्मान समारोह की पूरी कहानी।
ऑपरेशन महादेव आतंकियों का अंत
पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों ने बाइसारन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। इस हमले का मकसद कश्मीर में पर्यटन को नुकसान पहुंचाना और वहां की शांति को भंग करना था। लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इस चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दिया।
28 जुलाई 2025 को ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर श्रीनगर के पास लिदवास क्षेत्र में एक सटीक अभियान चलाया। कई घंटों तक चले इस एनकाउंटर में लश्कर के तीन खूंखार आतंकी सुलेमान, अफगान और जिब्रान मारे गए। इनमें सुलेमान को इस हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा था। इस ऑपरेशन में बरामद हथियारों, जिसमें एक M4 कार्बाइन और दो AK-47 राइफल शामिल थे, को चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब में जांचा गया। जांच में पुष्टि हुई कि ये वही हथियार थे, जिनका इस्तेमाल पहलगाम हमले में हुआ था।
अमित शाह का सम्मान समारोह
बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की 140 करोड़ जनता की ओर से मैं इन वीर जवानों को सलाम करता हूं। इनके साहस ने न केवल आतंकियों का खात्मा किया, बल्कि कश्मीर में अमन और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले ‘कश्मीर मिशन’ को भी मजबूती दी।
शाह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को मजबूत किया, और ‘ऑपरेशन महादेव’ ने इसे आत्मविश्वास में बदला। उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की फॉरेंसिक साइंस लैब की तारीफ की, जिसने वैज्ञानिक रूप से साबित किया कि मारे गए आतंकी वही थे, जिन्होंने पहलगाम में खून की होली खेली थी।
आतंकियों को सख्त संदेश
गृहमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। चाहे आतंकी कितनी भी चालाकी दिखाएं, वे भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते। शाह ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी तारीफ की, जो अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर और महादेव ने साबित कर दिया कि भारत के नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम बुरा होगा।”
देश में एकजुटता का माहौल
शाह ने यह भी बताया कि ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पक्ष और विपक्ष, सभी एकजुट हैं। पूरे देश में सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और उत्साह का माहौल है। यह विश्वास ही भारत को हर क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान दिलाने का आधार है। कश्मीर घाटी में इस सफलता के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव और मजबूत हुआ है।
ऑपरेशन की खास बातें
- खुफिया जानकारी: ऑपरेशन महादेव 22 मई 2025 से शुरू हुआ, जब खुफिया एजेंसी को दाचीगाम जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली।
- सटीक कार्रवाई: 4 पैरा यूनिट, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर आतंकियों को घेरा और उन्हें भागने का कोई मौका नहीं दिया।
- फॉरेंसिक सबूत: चंडीगढ़ की फॉरेंसिक लैब ने हथियारों और गोली के खोलों की जांच कर आतंकियों की पहचान की पुष्टि की।
- पाकिस्तानी कनेक्शन: मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी वोटर आईडी और वहां बने चॉकलेट्स मिले, जो पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क की साजिश को उजागर करते हैं।
ऑपरेशन महादेव भारत के सुरक्षा बलों की ताकत और आतंकवाद के खिलाफ उनकी दृढ़ता का जीता-जागता सबूत है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा जवानों का सम्मान न केवल उनके साहस को सलाम है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। यह ऑपरेशन कश्मीर में शांति और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए, हम सब अपने वीर जवानों को सलाम करें और उनके बलिदान को याद रखें।