राजनांदगांव। आनलाइन परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को पुनर्मूल्यांकन-पुनर्गणना की पात्रता नहीं मिलेगी। हेमचंद यादव दुर्ग विवि के अंतर्गत जिले के अलग-अलग कालेजों में 50 हजारसे अधिक विद्यार्थी स्नातक, स्नातकोत्तर की अलग संकायों में परीक्षा दे रहे हैं। हेमचंद यादव विवि प्रबंधन ने परीक्षार्थियों को पुनर्मूल्यांकन-पुनर्गणना की पात्रता नहीं देने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों को उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति भी नहीं मिलेगी। विवि के उपकुलसचिव डा.राजमणि पटेल ने बताया कि शासन के नियमानुसार सूचना के अधिकार के अंतर्गत उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति विद्यार्थी को पुनर्मूल्यांकन होने के बाद ही उपलब्ध कराने जाने का प्रविधान है। लेकिन 2021-22 की वार्षिक एवं सेमेस्टर की परीक्षाएं आनलाइन पद्धति से आयोजित हो रही है। जिसके चलते उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन एवं पुर्नगणना का प्रविधान नहीं है। आरटीआई के अंतर्गत छात्रों को उत्तरपुस्तिका की छायाप्रति उपलब्ध होगी।
आंसर शीट जमा करने उमड़ रही भीड़
इस बार विद्यार्थियों को परीक्षा वाले ही दिन संबंधित कालेज में उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने कहा है। जिसके चलते कालेजों में परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। भीड़ को नियंत्रित करने कालेज प्रबंधनों ने अलग से काउंटर की भी व्यवस्था की गई। इसके बाद भी 12 से तीन के बीच आंसर शीट जमा करने परीक्षार्थियों की भीड़ लग रही है। इस बार विवि प्रबंधन ने परीक्षार्थियों को कालेज में बैठकर आनलाइन परीक्षा देने की छूट दी है। इसके बाद भी गिनती के छात्र ही कालेज में बैठकर परीक्षा दे रहे हैं।
परीक्षा खत्म होते ही मूल्यांकन
कालेजों में स्नातकोत्तर व स्नातक की परीक्षाएं चल रही है। स्नातकोत्तर की परीक्षाएं खत्म होते ही उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। जिले के 19 सरकारी कालेजों में विवि की परीक्षाएं चल रही है। जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय दिग्विजय महाविद्यालय में सबसे अधिक 10 हजार प्राइवेट के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। दिग्विजय कालेज में नियमित विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू हो गई है। परीक्षार्थियों को आंसर शीट उपलब्ध करा दिया गया है। दिग्विजय कालेज में करीब 5200 नियमित विद्यार्थी हैं।
विद्यार्थियों ने ली राहत की सांस
कालेजों में आंसर सीट जमा करने उमड़ती भीड़ को देखते हुए कालेज प्रबंधनों ने काउंटर की संख्या बढ़ा दी है। कालेजों में काउंटर बढ़ने के कारण परीक्षार्थियों ने राहत की सांस ली है। यहीं नहीं गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। वहीं दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए कालेजों में व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है। ताकि आंसर शीट जमा करने आने वाले दिव्यांगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।