Tracking System New Rule: अब सभी ढुलाई ट्रैक्टरों में लगेगा ट्रैकिंग सिस्टम,होगी निगरानी ज्यादा कड़क, जानिए कब से होगा नया नियम लागू

Tracking System New Rule: अब सभी ढुलाई ट्रैक्टरों में लगेगा ट्रैकिंग सिस्टम,होगी निगरानी ज्यादा कड़क, जानिए कब से होगा नया नियम लागू। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने परिवहन क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है।
अब 1 अक्टूबर, 2026 से सभी ढुलाई ट्रैक्टरों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, 1 अप्रैल, 2027 से इवेंट डेटा रिकॉर्डर (EDR) भी अनिवार्य होगा, ताकि वाहनों की परिचालन गतिविधियों की बेहतर तरीके से निगरानी और विश्लेषण किया जा सके।
Tracking System New Rule: मंत्रालय ने क्यों उठाया यह कदम
मंत्रालय की 23 जुलाई 2025 को जारी मसौदा अधिसूचना के अनुसार, यह नियम परिचालन दक्षता, वाहन सुरक्षा और सड़क परिवहन प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के तहत लिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सभी ट्रैक्टरों में AIS-140 मानक के अनुरूप लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जाना आवश्यक होगा।
Tracking System New Rule: VLTD और RFID ट्रांसीवर का होगा एकीकरण
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, VLTD को RFID ट्रांसीवर के साथ जोड़ा जाएगा, जो युग्मित ट्रेलर में लगे निष्क्रिय RFID टैग से डेटा पढ़ने और उसे बैकएंड सिस्टम तक भेजने में सक्षम होगा। इस तकनीक के माध्यम से ट्रेलर की पहचान और ट्रैक्टर से उसका रीयल टाइम कनेक्शन स्थापित किया जा सकेगा। यह प्रावधान विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है, जिससे माल परिवहन की निगरानी अधिक प्रभावी और सटीक होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कौन सा ट्रेलर किस ट्रैक्टर से जुड़ा है और उसकी सटीक स्थिति क्या है।
Tracking System New Rule: ट्रेलरों में लगेगा अनिवार्य RFID टैग
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी ट्रेलरों में IS 16722:2018 मानक के अनुसार निष्क्रिय RFID टैग लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य ट्रेलर की इलेक्ट्रॉनिक पहचान सुनिश्चित करना और उन्हें ट्रैक्टर के साथ डिजिटल रूप से जोड़ना है।
Tracking System New Rule: 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य होगा EDR
इसके अलावा मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2027 से सभी ढुलाई ट्रैक्टरों में इवेंट डेटा रिकॉर्डर (EDR) लगाना अनिवार्य होगा। EDR एक प्रकार का डिजिटल उपकरण होता है, जो वाहन की प्रमुख संचालन गतिविधियों, जैसे गति, ब्रेकिंग, एक्सीलेरेशन, टर्निंग आदि को रिकॉर्ड करता है। मंत्रालय के अनुसार, “EDR के माध्यम से परिचालन घटनाओं का विश्लेषण करना आसान होगा और यह सुरक्षा निगरानी के लिहाज से अहम भूमिका निभाएगा।” साथ ही, अधिसूचना में यह भी निर्देश दिया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक संबंधित प्राधिकरण मौजूदा मानदंडों में आवश्यक संशोधन कर लें, ताकि इन उपकरणों के इस्तेमाल की तकनीकी आवश्यकता को लागू किया जा सके।
Tracking System New Rule: हितधारकों को दी गई 30 दिनों की समयसीमा
मंत्रालय ने सभी संबंधित हितधारकों (stakeholders) को मसौदा अधिसूचना पर अपनी प्रतिक्रिया और सुझाव देने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस प्रक्रिया के बाद प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा और संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
Tracking System New Rule: ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में बड़ा बदलाव
यह फैसला देश के लॉजिस्टिक्स, कृषि-ढुलाई और भारी वाहन परिवहन जैसे क्षेत्रों में डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ट्रैक्टरों और ट्रेलरों की लोकेशन ट्रैकिंग से न सिर्फ चोरी और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि बीमा दावे, ड्राइवर व्यवहार और सड़क सुरक्षा सुधार जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी सहायता मिलेगी।
Tracking System New Rule: ट्रैक्टर–ट्रेलर ऑपरेटर अभी से इन नियमों की शुरू करें तैयारी
सड़क परिवहन मंत्रालय का यह कदम भारत की ट्रांसपोर्ट प्रणाली को स्मार्ट, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ट्रैक्टर-ट्रेलर ऑपरेटर्स को अभी से इन नियमों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए ताकि आगामी समय में कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके और उनके वाहनों की परिचालन क्षमता में सुधार हो सके।






