हरियाणा आयुष्मान योजना: निजी अस्पतालों को 291 करोड़ रुपये का भुगतान, मरीजों को जल्द मिलेगा इलाज

हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेशभर में सूचीबद्ध 675 निजी अस्पतालों को 291 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दे दी है। यह खबर उन मरीजों के लिए राहत की है, जो अब तक निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पा रहे थे।
सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और आईएमए हरियाणा के पदाधिकारियों के बीच मंगलवार को अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज को लेकर महत्वपूर्ण और सकारात्मक निर्णय लिए जाने की संभावना है।
निजी अस्पतालों में इलाज क्यों रुका था?
पिछले 11 दिनों से प्रदेश के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद था। आईएमए हरियाणा के पूर्व प्रधान डॉ. अजय महाजन के अनुसार, सरकार के वित्त विभाग ने 291 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस राशि से 2-3 दिनों के अंदर अस्पतालों को भुगतान शुरू किया जा सकेगा।
हालांकि, आईएमए की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि मुद्दा सिर्फ भुगतान का नहीं है, बल्कि सिस्टम सुधार का भी है। यानी अब निजी अस्पतालों को हर बार भुगतान के लिए सरकार के पास गुहार नहीं लगानी पड़े।
राज्य सरकार के बकाया भुगतान की जानकारी
निजी अस्पतालों के आयुष्मान योजना के तहत किए गए इलाज का करीब 700 करोड़ रुपये राज्य सरकार पर बकाया था। इसमें से 245 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए बजट मंजूर किया गया है। इसे “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर अस्पतालों को दिया जाएगा। इस राशि में से 175 करोड़ रुपये राज्य सरकार की तरफ से और 70 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से आएंगे।
यह फैसला मरीजों और अस्पतालों दोनों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। अब मरीज अपने इलाज में लंबी प्रतीक्षा से बचेंगे और अस्पतालों को भी अपने बकाया राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।





