CM Work From Home Yojana 2025: घर से मिलेगा रोजगार, 8वीं-10वीं पास महिलाओं के लिए 4525 पदों पर भर्ती

राजस्थान सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनोखी पहल की है। मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना 2025 के तहत महिलाओं को घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को काम का अवसर देना है, जो घरेलू जिम्मेदारियों या सामाजिक कारणों से बाहर जाकर नौकरी नहीं कर पातीं। शुरुआत में सरकार ने 4,525 पदों पर भर्ती की घोषणा की है और आने वाले समय में हजारों नए अवसर भी दिए जाएंगे।
यह योजना महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। घर बैठे रोजगार मिलने से वे परिवार और काम के बीच आसानी से संतुलन बना पाएंगी। इसके साथ ही उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि वे डिजिटल तकनीक और आधुनिक कार्यप्रणाली में दक्ष हो सकें। सरकार चाहती है कि महिलाएं सिर्फ आय का साधन न जुटाएं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें।
योजना का लाभ केवल राजस्थान की मूल निवासी महिलाएं उठा सकती हैं। आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष रखी गई है जबकि अधिकतम आयु सीमा तय नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को इसमें प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, हिंसा पीड़ित और विकलांग महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं।
इस योजना में आवेदन करने के लिए महिलाओं को कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जिनमें SSO ID, आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर-ईमेल आईडी शामिल हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आधिकारिक पोर्टल पर जाकर महिला को रजिस्ट्रेशन करना होगा और सभी जरूरी जानकारी व दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन पूरा होने के बाद एक रजिस्ट्रेशन आईडी और पासवर्ड मिलेगा जिसके जरिए पोर्टल पर लॉगिन करके इच्छानुसार नौकरी का चयन किया जा सकता है।
चयनित महिलाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार अलग-अलग प्रकार के कार्य सौंपे जाएंगे। इसमें डाटा एंट्री, कंटेंट राइटिंग, ऑनलाइन कस्टमर सपोर्ट, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे काम शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी जोड़ा जाएगा ताकि वे और बेहतर ढंग से काम कर सकें।
मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना 2025 न केवल महिलाओं को रोजगार का अवसर देगी बल्कि उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता भी लाएगी। यह योजना उन महिलाओं के लिए एक वरदान है जो घर से बाहर जाकर काम करने में असमर्थ हैं लेकिन परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती हैं। इस योजना से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होंगी और राज्य के विकास में भी अहम भूमिका निभा पाएंगी।





