Aadhaar Update 2025: e-Aadhaar App से नाम, पता और जन्मतिथि आसानी से अपडेट करें

Aadhaar Update 2025: आधार कार्डधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। UIDAI (Unique Identification Authority of India) जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने वाला है, जो आपके आधार से जुड़ी जानकारी जैसे नाम, पता, जन्मतिथि और फोन नंबर को सीधे आपके स्मार्टफोन से अपडेट करने की सुविधा देगा।
इस ऐप का अस्थाई नाम e-Aadhaar रखा गया है। यह ऐप पूरी तरह ऑल-इन-वन डिजिटल इंटरफेस होगा, जिससे आधार अपडेट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, संभावना है कि 2025 के अंत तक यह मोबाइल ऐप लॉन्च कर दिया जाएगा। UIDAI का मानना है कि इस ऐप से आधार सेवाओं का उपयोग सरल और सुविधाजनक बन जाएगा।
e-Aadhaar ऐप क्या है?
जल्द ही यूजर्स अपने नाम, पता और जन्मतिथि जैसी अहम जानकारियों को सीधे स्मार्टफोन से अपडेट कर पाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि लोग बार-बार आधार नामांकन केंद्रों पर न जाएँ और अपडेट की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
खास बात यह है कि इस ऐप में फेस आईडी और बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि सिर्फ फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनिंग के लिए ही यूजर को आधार केंद्र जाना होगा, बाकी अपडेट सीधे ऐप से किया जा सकेगा।
इस तरह UIDAI का नया कदम:
- आधार अपडेट को सरल बनाना
- कागजी कार्य कम करना
- पहचान से जुड़े धोखाधड़ी के जोखिम को कम करना
- प्रक्रिया को तेज़ और सुविधाजनक बनाना
नई सुविधाएँ और डेटा ऑटो-फेच
e-Aadhaar ऐप में यूजर्स का डेटा सरकारी स्रोतों से ऑटोमेटिक फेच होने की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। इसमें शामिल हैं:
- जन्म प्रमाणपत्र
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
- राशन कार्ड (PDS)
- मनरेगा (MNREGA) रिकॉर्ड
- बिजली बिल आदि
इससे एड्रेस वेरिफिकेशन और अधिक आसान हो जाएगा और यूजर्स को बार-बार कागजी दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
Aadhaar Good Governance Portal
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने हाल ही में Aadhaar Good Governance Portal लॉन्च किया है।
इस पोर्टल का उद्देश्य है:
- आधार ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट की अप्रूवल प्रक्रिया को सरल बनाना
- आधार सेवाओं की दक्षता और user-friendliness बढ़ाना
- ऑथेंटिकेशन एप्लिकेशन के सबमिशन और क्लीयरेंस को तेज़ करना
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से आधार सिस्टम की पहुंच और समावेशिता (inclusivity) और मजबूत होगी, और यूजर्स को एक स्मूद डिजिटल अनुभव मिलेगा।






