
नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन काल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी को 11 हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया गया है।
सीहोर कोर्ट ने 10 साल की नाबालिग बालिका को हवस का शिकार बनाकर जान से मारने की नीयत से 40 फीट कुंए में फेंकने वाले आरोपी को दोहरे आजीवन काल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी को 11 हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया गया है।
मामले में जानकारी देते हुए जिला न्यायालय के एडीपीओ केदार कौरव ने बताया कि जिले के इछावर थाना अंतर्गत 14 जनवरी 2022 को घटना घटित हुई थी। ग्राम दुदलई का आरोपी रमेश चंद्र मोगिया पिता रामसिंह मोगिया (30) बालिका को खेत में तीतर दिखाने के बहाने ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसके बाद बालिका को जान से मारने की नीयत से इसलिए फैंक दिया कि वह घटना अपने परिजनों को ना बता पाए। इस मामले को फास्ट ट्रैक में चलाते हुए लगभग ढाई महीने में फैसला आया है। जिसमें आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा और 11 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय ने की यह विशेष टिप्पणी
न्यायालय ने निर्णय में अभियुक्त को दोषसिध्द करते हुए विशेष टिप्पणी की है कि, दोषी पीड़िता के भले ही दूर का रिश्तेदार था, पर उसका नैतिक, सामाजिक, धार्मिक कर्तव्य भी था कि वह पीड़िता की धर्म, मर्यादा, संस्कार और नैतिकता के साथ ठीक उसी प्रकार देखभाल करे, जैसे वह उसकी सगी पुत्री हो। यह स्थिति और अधिक भयावक एवं शर्मनाक हो जाती है जब दोषी एक 10 वर्षीय अबोध बालिका की अस्मत के साथ खिलवाड़ करे और बलात्संग जैसे अपराध को उस वक्त कारित करे। जब उसकी उम्र अपने भाई बहन और दोस्तों के साथ खेलने की हो। इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा घटना का संज्ञान लिया गया ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब जांच कर शीघ्र विचारण कराए जाने हेतु सक्षम अधिकारियों को निर्देश किया गया था।
नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने वाले चाचा को 10 साल की कैद, पीड़िता को घर पर अकेली देख की थी वारदात
मोहाली। भतीजी के साथ दरिंदगी करने वाले चाचा को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी सागर को मोहाली के एडिशनल जिला व सेशन जज रंजन कुमार खुल्लर की अदालत ने वीरवार को दस साल की सजा सुनाई है। वहीं, दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी सागर मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी सागर ने अपनी भतीजी के साथ मई 2015 में दुष्कर्म किया था। पीड़िता अपने परिवार के साथ मोहाली में किराये के मकान में रहती थी। दोषी सागर भी मोहाली में ही किराये पर रहता था। उसका पीड़िता के घर आना जाना लगा रहता था। एक दिन जब वह पीड़िता के घर आया तो घर पर उसके अलावा कोई नहीं था। पीड़िता के माता पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। ऐसे में जब पीड़ित घर पर अकेली थी तो सागर ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसके साथ दुष्कर्म किया।






