प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में बहू-बेटी से रेप की आशंका, अवैध संबंध के एंगल से भी हो रही जांच

प्रयागराज के थरवई में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या का मकसद खोजने की है। परिवार की किसी से कोई रंजिश न होने के बाद लूटपाट के लिए हत्या की आशंका जताई गई, लेकिन जांच पड़ताल में यह थ्योरी भी महज कयास ही साबित हुई। ऐसे में शक की सुई घुमंतू गिरोह की ओर घूम गई है। इस आशंका के पीछे सबसे ज्यादा अहम कारण हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अपनाया गया तरीका है। फिलहाल अफसरों का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने जांच पड़ताल शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों में से मासूम को छोड़कर सभी को मौत के घाट उतार देने की वजह से अफसरों का सबसे पहला शक पारिवारिक रंजिश की ओर गया। मृतक राजकुमार यादव के बेटे सुनील ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और बहन की रेप के बाद हत्या कर दी गई है. वहीं एसएसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी.
जमीनी विवाद और अवैध संबंध क एंगल से जांच कर रही है पुलिस एसएसपी अजय कुमार के मुताबिक शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. उन्होंने कहा है कि फारेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड मौके पर जांच पड़ताल कर रहे हैं. मामले के खुलासे के लिए सात टीमें गठित कर दी गई हैं. वहीं परिवार का बेटा सुनील भी पहुंच गया है. सुनील प्रयागराज में पान की दुकान चलाता है. उसने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और बहन की रेप के बाद हत्या कर दी गई है. इस मामले में एसएसपी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. पुलिस को शुरुआती जांच-पड़ताल में हत्या के कारणों का पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस पुरानी रंजिश, जमीनी विवाद, अवैध संबंध समेत हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है.
खानाबदोशों पर नजर, 12 हिरासत में
जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इसमें घुमंतू गिरोह का हाथ होने की सबसे ज्यादा आशंका है। जघन्य तरीके से हत्या, लूटपाट का मकसद न होना, किसी पारिवारिक रंजिश की बात सामने न आना, महिलाओं के कपड़े अस्त-व्यस्त होना समेत कई ऐसी बातें रहीं, जो वारदात में घुमंतू गिरोह के शामिल होने की ओर इशारा कर रही थीं।
ऐसे में तत्काल ही एसओजी की टीमों को घुमंतू गिरोह की टोह लेने में लगा दिया गया। इसकेबाद पुलिस टीमों ने न सिर्फ थरवई बल्कि बहरिया, फूलपुर, नवाबगंज, सोरांव, मऊआइमा समेत आसपास के इलाकों में खानाबदोशों के डेरों पर दबिश देना शुरू किया। यहां रहने वालों के बारे में पूछताछ की और संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया। डेरों की सघन तलाशी भी ली गई। देर रात तक विभिन्न डेरों से कुल 12 संदिग्ध उठा लिए गए थे। जिनसे पूछताछ चलती रही।
डेयरी संचालक भी शक के दायरे में, तलाश
पुलिस टीमें जांच पड़ताल में जुटे ही थे कि एक और अहम बात सामने आई। पता चला कि पड़ोस के ही एक गांव का डेयरी संचालक दंपती की बेटी व बहू पर गलत नजर रखता था। वह रास्ते से आने जाने के दौरान घर में ताकझांक भी करता था।यह बात सुनील को उसकी पत्नी ने भी बताई थी। पूछताछ के दौरान सुनील ने अफसरों को बताया कि गैर समुदाय का यह युवक अक्सर उसके घर की तरफ देखता रहता था। जिसके बाद पुलिस की टीम उसके तलाश में लगा दी गई। हालांकि देर रात तक उसका पता नहीं मिल सका था।






