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केंद्रीय बजट 2023 को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने, कांग्रेस बोली- निराशाजनक है बजट, बीजेपी का जवाब – चुनाव में ट्रंप कार्ड साबित होगा, जानें किसने क्या कहा


केंद्रीय बजट 2023 को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बजट को लेकर एक दूसरे पर हमलावर हैं। जहां बीजेपी इस वजट को शानदार और जनहित में केंद्र सरकार का लिया गया ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो वहीं कांग्रेस बजट को निराशाजनक बता रही है।
केंद्रीय बजट 2023 को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। बजट को लेकर एक दूसरे पर हमलावर हैं। जहां बीजेपी इस वजट को शानदार और जनहित में केंद्र सरकार का लिया गया ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो वहीं कांग्रेस बजट को निराशाजनक बता रही है।

प्रदेश के पूर्व सीएम रमन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर कहा कि यह बजट माध्यम वर्गीय का बजट है। इस बजट में 7 प्राथमिकताएं हैं। अंतिम व्यक्ति और युवा शक्ति तक तक इसकी पहुंच है। चालू वित्तिय वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने वाली है। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी। अब हम 5वें स्थान पर हैं। दुनिया की सबसे मजबूत इकॉनामी हमारे देश की है। 7 लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट दी गई है। टैक्स स्लैब में भी कमी की गई है। 6 स्लैब से 5 स्लैब किया गया है। पीएम आवास योजना का 1 भी राशि छतीसगढ़ को नहीं मिलेगा, क्योंकि यह ये योजना बन्द कर दी गई है।

देश की अर्थव्यवस्था का आधार बनेगा ये बजट : अमर अग्रवाल


रायपुर भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता अमर अग्रवाल ने कहा कि 2014 से भाजपा की सरकार आई तब से आर्थिक सर्वेक्षण आया है। वो पूर्व बजट की कुशलता का परिणाम है तथा आज का जो बजट है ना केवल एक साल के लिए अपितु देश की भावी योजना को तय करने वाला बजट है। सबसे बड़ी बात हमारे देश में जो खासकर माध्यम वर्गी लोग है। आयकर में छूट करने का आग्रह रहा जिसे प्रधान मंत्री मोदी जी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जी का जिन्होंने 7 लाख रुपये तक कोई आयकर नहीं देना होगा। इसके साथ ही इस बजट में भविष्य की सारी सम्भावनाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। युवाओ के लिए पूरे विश्व में जो रोजगार मिल सकते है। उसकी प्राथमिकता के आधार पर कौशल उन्नयन और साथ ही 43 लाख युवाओ को कौशल उन्नयन में 3 साल तक स्टाईफन देना एक बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की। महिलाओं के लिए 2 साल तक महिला सम्मान विकास योजना जिसमें उन्हें साढ़े 7 प्रतिशत की दर पर उन्हें ऋण इसके साथ ही सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले एफएमसीबी का सेक्टर है। उसमे अभी तक रोकी गई संपति या सीज संपति की 95% वापिसी एवं 1% ब्याज दर पर कमी आने वाले दौर मे हमारी देश की अर्थव्यवस्था का आधार बनेगा।

रोजगार का कोई रोड मैप नहीं : मोहन मरकाम
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि आज प्रस्तुत किए गए बजट में ना महंगाई नियंत्रण का कोई प्रावधान है और ना ही रोजगार का कोई रोड मैप। ना किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी का प्रावधान है, ना ही स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के आधार पर C-2 फार्मूले पर 50 प्रतिशत के लाभ। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने वाली महत्वपूर्ण योजना मनरेगा पर न बात, न खाद सब्सिडी, न खाद्य सब्सिडी मोदी सरकार के इस आखिरी पूर्णकालिक बजट में ना 2014 के घोषणापत्र का रोडमैप दिखा और ना ही 2019 के वादों पर कोई प्रावधान किए। 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष देने का वादा युवाओं से किया गया था 9 साल में 18 करोड़ रोजगार मिलने थे जिसके बारे में कोई बात नहीं, अब केवल 47 लाख युवाओं को 3 साल के लिए भत्ता देने का झांसा दे रहे।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहा कि दुनियां के सबसे बड़े उपक्रम “रेलवे“ में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी मोदी सरकार की जिम्मेदारी से भागने का प्रमाण है। एक तरफ ऑटोमोबाइल खिलौने और साइकिल में कस्टम ड्यूटी घटाने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर रसोई गैस की चिमनी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा रहे मोदी सरकार की प्राथमिकता में न किसान हैं, ना रोजगार है और ना ही महंगाई से जूझ रही महिलाओं की समस्या।

छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने केंद्र की मोदी सरकार के आम बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा, महिलाओं, बुजुर्गों, पिछड़ों, वंचितों, दलितों, जनजातीय समाज सहित हर वर्ग की आम जनता का खास बजट है। ऐतिहासिक टैक्स रिफॉर्म्स से सबको राहत मिली है। यह बजट, बुलंद भारत की मजबूत अर्थ व्यवस्था का प्रतीक है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बजट ने छत्तीसगढ़ के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। मिलेट मिशन का हमारे जनजातीय समाज को विशेष लाभ मिलेगा। एकलव्य विद्यालयों में भर्तियां होंगी तो वहीं हमारे तकनीकी शिक्षा संस्थानों को नवीन अवसर मिलेंगे। इस बजट में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का खाका तैयार हो गया है। समावेशी विकास पर आधारित यह बजट सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का प्रतिफल है जो देश के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। यह बजट घरेलू मोर्चे पर जन आकांक्षाओं की पूर्ति, जन संतुष्टि, संतुलन के साथ ही विश्व में भारतीय अर्थ व्यवस्था का डंका बजाने वाला बजट है। गांव गरीब किसान और कृषि के उत्थान की ठोस बुनियाद वाला बजट देश की युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने तत्पर है। यह रोजगार देने वाला बजट है। आम मध्यम वर्ग और आम जनता को राहत देने वाला बजट है। देश को नई ऊंचाई देने वाला बजट है।

ऐतिहासिक बजट: सांसद सरोज पांडेय
छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद हम श्रेष्ठता की तरफ बढ़ रहे हैं। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है।

निराशाजनक बजट : कृषि मंत्री रवींद्र चौबे
कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रया देते हुए कहा कि यह बजट काफी निराशाजनक है। बजट में आम लोगों के हित में कोई खास प्रावधान नहीं है। पीएम किसान सम्मान निधि में कोई इजाफा नहीं हुआ है। किसान वर्ग में भारी निराशा है। उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर में आय दोगुनी जैसी कोई बात नहीं है। छत्तीसगढ़ के लिए मिलेट पर अतिरिक्त राशि देने का ऐलान किया गया है, यह हमारे लिए हर्ष की बात है। छत्तीसगढ़ में मिलेट और जैविक खेती पर भूपेश सरकार बेहतर काम कर रही है। सामान्य रूप से यह यह बजट निराशाजनक है। युवाओं के लिए भी बजट में कोई खास बात नहीं है। वहीं गरीबों के लिए कोई नई योजना नहीं है। महिलाओं को भी कोई राहत नहीं मिली है। उत्पादक राज्य होने के बाद भी छत्तीसगढ़ को लाभ नहीं मिलना राजनीति प्रेरित बात हो सकती है। कोयला की रॉयल्टी बढ़ाने की मांग की गई थी, जो पूरी नहीं हुई।

बजट से आम जनता निराश: सुशील आनंद शुक्ला
छत्तीसगढ़ मीडिया संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार का बजट जनता को निराश करने वाला है । बजट में कुछ भी नहीं जो जनता को राहत दे सके। यह बजट ज्यादा कमाई करने वालों के लिए बनाया गया है। गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है। मंहगाई कम करने के लिए कोई प्रयास नहीं है। रेलवे में सीनियर सिटीजन को मिलने वाली सुविधाएं जो मोदी सरकार ने बन्द किया था, उसके बहाली पर कुछ नहीं किया गया है। यह बजट भरम फैलाने वाला है।

दिख रही छत्तीसगढ़ मॉडल की धमक
मोदी सरकार के बजट में छत्तीसगढ़ मॉडल की धमक साफ दिख रही है। बजट में भारतीय मिलेट संस्थान के गठन का निर्णय लिया गया है। यहां छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन पहले से चल रहा है। प्रदेश में रागी, कोदो, कुटकी का समर्थन मूल्य पर खरीदी हो रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित और बहुप्रतिष्ठित गो धनन्याय योजना की गूंज भी संसद में मोदी सरकार के बजट में है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। हमारे मुख्यमन्त्री की योजनाओं पर केंद्र काम कर रहा है।

सबका साथ, सबका प्रयास के जरिये जनभागीदारी वाला बजट: संतोष पाण्डेय

आम बजट 2023 को जन आकांक्षाओं से परिपूर्ण बजट बताते हुए सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा है कि सप्तऋषि की तरह अमृत काल के दौरान सात प्रमुख बिन्दुओं पर केन्द्रित यह बजट प्रगति की राह पर भारत देश का पथप्रदर्शन करेगा। इस बजट में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, मध्यमवर्गीय एवं युवा शक्ति को केन्द्रित कर बजट में कई प्रावधान किये गये हैं जो इस बजट को समावेशी विकास का परिचायक सिद्ध करता है । प्रधानमंत्री आवास के बजट में इस बार 66 प्रतिशत वृद्धि कर 79 हजार करोड़ रू. का प्रावधान कर देश की आवासविहीन जनता को लाभान्वित करने के साथ ही कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने से कृषि में तकनीकी क्रान्ति लाकर किसानों को समृद्ध करने का महत्वाकंाक्षी प्रयास केन्द्र शासन ने किया है। श्री अन्न योजना के तहत मोटे अनाज के उत्पादक कृषकों को प्रोत्साहन मिलेगा । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिये 60 हजार करोड़ का प्रावधान कर अन्नदाताओं को लाभान्वित किया जाने के साथ साथ सड़क परिवहन मंत्रालय के लिये 1,07,713 करोड़ का प्रावधान करने देश के अधोसंरचना को मजबूती देने का प्रयास सराहनीय है। अपनी जनहितैषी सोच को साकार करते हुए केन्द्र सरकार ने हर घर नल योजना के लिये भी जल जीवन मिशन अंतर्गत 70 हजार करोड़ का प्रावधान किया है।

आम जनता की जरूरतों को नजरअंदाज किया : सुरेंद्र वर्मा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट में भी बुनियादी सवालों और आम जनता की जरूरतों को पुनः नजरअंदाज कर दिया है। वित्त मंत्री के डेढ़ घंटे के बजट भाषण में रोजगार की आस लगाए युवाओं को केवल स्किल डेवलपमेंट का झुनझुना मिला। देश के किसान से 2022 तक आय दुगुनी करने का वादा था, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का वादा था, पूर्व में एमएसपी की कानूनी गारंटी देने का आश्वासन भी दिए लेकिन बजट में उस पर कोई प्रावधान नहीं है। मिलेट मिशन छत्तीसगढ़ मॉडल का ही प्रभाव है। भूपेश सरकार कोदो कूटकी रागी पहले ही समर्थन मूल्य पर खरीद रही है और 10000 प्रति एकड़ की दर से राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि दे रही है। केवल डिजिटल ट्रेनिंग देकर किसानों का भला करने का दावा भी जुमला है।

ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बजट – लाभचंद बाफना

प्रदेश व्यापारी प्रकोष्‍ठ के प्रदेश संयोजक ने बजट पर दी अपनी प्रतिक्रिया

वैश्विक महामारी कोरोना के कारण जहाँ पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गयी वही एक सौ चालीस करोड की जनसंख्या वाला भारत जो WHO और अन्य विश्व संगठन की निगाह में 10 साल पहले का भारत जो गरीबी में नं0-1, निरक्षरता में नं0.1, कुपोषण में नं०-1 स्वच्छता की तरफ ध्यान न देने वाला भारत मेडिकल साइंस की दृष्टिकोण से अविकसीत भारत था।उसी भारत ने मात्र 6 महीने में 2 कोरोना वैक्सीन बनाकर भारत के 1.40 करोड जनता की जान बचायी वही विश्व के अनेकों देशों को कोरोना वैक्सीन दवाईयाँ इंजेक्शन, किट आदि पहुँचाकर विश्व समुदाय का सहयोग किया और वही 80 करोड़ भारतीयों को पिछले 2 साल से लगातार प्रति यूनिट 5 किलो चावल- 200 करोड से भी ज्यादा वैक्सीन सहित हर वर्ग के लिए सुविधा उपलब्ध कराकर महीने 1 साल में ही कोरोना पर जीत हासिल की जहाँ पड़ोसी देशश्रीलंका, पाकिस्तान, बंगला देश कि अर्थव्यवस्था चरमरा गयी और वही भारत की अर्थव्यवस्था व्यवस्था चट्टान की तरह मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार आजादी के बाद सबसे ज्यादा बढ़ा, आत्म निर्भर भारत की दिशा में मोबाइल सहित, रक्षा उपकरणों के निर्माण में स्वालंबी हो गया और आज देश की वित्तमंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण जी ने जो बजट प्रस्तुत किया है वह सर्वहारा वर्ग के लिए सुविधा उपलब्ध कराने वाला भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक बजट. इस बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन: सहित रोजगार पैदा करने वाला और अनेको नई क्रांतिकारी योजनाओं की सौगाल देने वाला बजट

1.      80 करोड़ लोगों को 25 महीने तक लगातार की राशन योजना के अंतर्गत प्रति यूनिट 5 किलो चावल के लिए 2 लाख करोड रुपया गरीब कल्याण योजना के लिए बजट में व्यवस्था की गई।2. दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था वैश्विक मंदी के बाद भी भारत का विकास दर 7%3. PM. सुरक्षा के तहत 44 करोड़ लोगों को बीमा का लाभ4. 11.4 करोड किसानों को 2.2 लाख करोड किसान सम्मान निधि, प्रतिव्यक्ति आय दुगुनी से ज्यादा:5. 6 हजार करोड मछुवारों के लिए PM मद से पालन योजना किसानों को खेती के लिए विशेष फंड की व्यवस्था6. 20 लाख करोड़ का कृषि ऋण, बगवानी के लिए 22 सौ करोड़, किसानों को डिजिटल ट्रेनिंग के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में डिजिटल विकास.7. मिलेट मोटे अनाज के लिए ग्लोबल हब, ग्रीन ग्रोथा सरकार की पहली प्राथमिकता भारतीय मिलेटस संस्थान का गठन, कृषि क्षेत्र में स्टोर क्षमता बढ़ाने के लिए बजट.8. 157 नये नर्सिंग कॉलेज की स्थापना ICMR लेब की संख्या बढ़ाने के लिए बजट।9. आकाक्षी जिलो में एवं 500 ब्लाक के समुचित विकास के लिए बजट(10) शहरो में नालों की सफाई की नई योजना एवं गाँवों में सूखा: गीला कचरे की निष्पादन की योजना11. 47.8 करोड़ जनधन खाते एवं KYC की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए योजना। साक्षरता के लिए NGO के साथ कार्यक्रम  कॉपरेटिव सोसायटी की नेशनल डाटा बेस कार्यक्रम  PM आवास योजना 66 प्रतिशत बढ़ा कर 79000 हजार करोड का फंड बनाकर करोड़ों गरीबों को पक्का मकानएकलव्य मॉडल विद्यालय की स्थापना और 38 हजार 8 सौ अध्यापकों की भर्ती ।पूंजिगत खर्चों के लिए 10 लाख करोड इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड करने से पूरे क्षेत्र में क्रांति आ जायेगी।रेलवे की 2.4 लाख करोड़ का बजट, रेलवे की नयी योजना के लिए 75 हजार करोड़ का बजट, निजी क्षेत्र के ज़रिये 100 नई योजनाओं की पहचान 50 अतिरिक्त एयरपोर्ट एवं वॉटर वे से पूरे देश में एक नया वातावरण बनेगान्याय व्यवस्था लिए 7 हजार करोड की अतिरिक्त राशि E न्यालय के लिये प्रभावीत MSME के लिए रिफंड स्कीम MSME लघु उद्योग के लिए स्पेशल पैकेज कोरोना प्रभावित कारोबारीयों के लिए स्पेशल राहत पेकेज, व्यवसायीओं के लिए PEN मुख्य आधार pen कार्ड को सामान्य पहचान पत्र बना दिया गया। ग्रीन, हाइड्रोजन मिशन के लिए 19 हजार 700 सौ करोड रुपये।देखो अपनादेश पर्यटन योजना की शुरुवात: इससे घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को ग्लोबल स्तर की ट्रेनिंग 47 लाख युवाओ को 3 साल तक भत्ता देंगे। व्यापारीक सुगमता के लिए 3 हजार अपराधिक कानूनों की समाप्ति । महिला सम्मान बचत पत्र की शुरुवात – 2लाख की बचल पर 7.5% ब्याज दर, बुर्जुगों के लिए बचत की सीमा 30 लाख रिटर्न के लिए नया आयकर फार्म 5 लाख की जगह 7 लाख तक की आय पर कोई टेक्स नही की बडी छूट देकर आम जनता को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश व्यापारी प्रकोष्‍ट के प्रदेश संयोजक लाभचंद बाफना ने ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बजट बताते हुए देश हित में प्रस्तुत इस बजट के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण जी को साधुवाद दिया.

आंकड़ों के खेल में भी फेलवर केंद्र सरकार का यह बजट – शाहिद भाई



प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शाहिद भाई ने केंद्र सरकार के बजट को पूरी तरह से फेलवर सरकार का बजट करार देते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से महंगाई रोक पाने में असफल मोदी सरकार प्रमाणित हुई  है खुदरा महंगाई दर का अनुमान 6.8% रहने का अनुमान है जो कि रिजर्व बैंक की तय सीमा अधिकतम 6% से अधिक है चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 8 से 8.5 परसेंट था जो घटकर 7% हो गया है
इनकम टैक्स का दायरा 7 लाख कर बीमा, हेल्थ इंश्योरेंस, हाउस लोन, की छूट को समाप्त कर दिया गया है  रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट सुविधाएं का प्रावधान नहीं है।मोदी सरकार ने किसानों की आय 2022 में दुगुना करने का वादा किया था अब 2023 चालु हो गया है पर इस दिशा में कोई कदम ना उठा कर किसानो की उपयोगी ट्रैक्टर पर 28% किटनाशक दवाइयों पर 18%  बीजों पर 12% और कृषि यंत्रों पर 28% GST लगाने वाली भाजपा सरकार किसानों का भला ही नही चाहती हैं केन्द्र की मोदी सरकार के बजट में रोजगार मूलक मनरेगा को बढ़ावा देने महंगाई रोकने,बेरोज़गारी दूर करने का कोई उल्लेख नहीं है

बजट पर प्रतिक्रिया  -आम आदमी व युवाओं का है बजट ~ गंगवानी

    बजट 2023-2024 में टैक्स स्लैब में राहत देते हुए अब 7 लाख रु की आय तक इनकम टैक्स में छूट दी गई है ।
साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के बजट में 66%  की वृद्धि की गई है  वरिष्ठ नागरिक खाता योजना की सीमा 4.5 लाख से 9 लाख की गई है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए भारत में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाने बात कहीं गई है जिससे देश के युवाओं का विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होगी। अगले साल तक गरीबों के लिए मुफ्त आनाज की योजना जारी रहेंगी । ये बजट मजबूत भविष्य का बजट है ।

मोदी सरकार ने छात्रों को सिर्फ ठगा – राजा यादव

राजनांदगांव। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश संयुक्त महासचिव राजा यादव ने कहा कि लगता है मोदी सरकार को छात्रों से कुछ ज्यादा ही तकलीफ इसलिए कोरोना महामारी के रिलीफ पैकज से लेकर आज तक के बजट में छात्रों को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा। सिर्फ नर्सिंग कॉलेजों के खोलने की हेडलाइन के अलावा सरकार ने एक भी घोषणा छात्रों के लिए नहीं की और यह कैसा बजट था जिसमें छात्रों के लिए कुछ नही मिला।

अंत्योदय की भावना को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट: नीलू शर्मा

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नीलू शर्मा ने बजट प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट है, जिससे युवाओ, महिलाओं, किसानो, उद्यमी, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। कौशल उन्नयन, अनुसंधान क्षेत्रों, एवं पढ़ने लिखने की संस्कृति को प्रोत्साहन हेतु राष्ट्रीय डिजिटल लाईब्रेरी हेतु पहल से देश के स्वर्णिम भविष्य की संभावनाओं को बल मिलेगा। आयकर में छूट देकर मध्यम एवं नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत प्रदान की गई है। पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी विकास के लिये प्रावधानों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यव्स्था को बूस्टर डोज प्रदान किया गया है। यह बजट बहुत दूरगामी एवं सकारात्मक परिणाम देने वाला है। हम शताब्दि वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र होंगे, जिसकी बुनियाद आज के इस बजट में रखी गई है।

गागर में सागर भरने वाला अमृतकाल का बजट: मधुसूदन यादव

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने आज लोकसभा में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट को देश की वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को समाहित करने वाला एवं देश को आर्थिक प्रगति प्रदान करने वाला अमृतकाल का बजट बताया है। देश की 80 करोड़ जनसंख्या को सीधे लाभ देते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत निःशुल्क अनाज, मध्यम वर्ग की पीठ से टैक्स का बोझ हटाना, शिक्षा, रक्षा, कृषि, सहकारिता, शोध एवं अनुसंधान, महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर बजट में वृद्धि किया जाना प्रधानमंत्री मोदी की उत्तरोत्तर सोच एवं सबके विकास की नीति का प्रमाण है। पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान के माध्यम से बजट में प्रथम बार कारीगरों एवं शिल्पकारों को विश्वकर्मा से संबोधित करते हुए उनके लिये वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना उनकी संवेदनशीलता का परिचायक है। यह बजट निम्न आय वर्ग सहित बहुसंख्यक मध्यम आयवर्ग के लिये राहत देने वाला क्रान्तिकारी बजट है।

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