लॉकडाउन से मिली सफलता को जीत में बदलना चाहती है सरकार

प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हुए जनता के लिए संदेश लेकर आए। सबका साथ मांगा, सबसे सात वचन (सप्तपदी) लिए और लॉकडाउन के फायदे गिनाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत में कोविड-19 का एक भी संक्रमित नहीं था, तब से भारत सतर्क है। जब 100 संक्रमित नहीं थे, तब भारत ने कड़े कदम उठाए।नतीजा सामने है। दुनिया के विकसित देशों में कोविड-19 का असर भारत से 25-30 गुना तक ज्यादा है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि भारत सरकार लॉकडाऊन से मिले फायदे को खोना नहीं चाहती और तीन मई तक के लिए बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री ने देश की जनता से उसका साथ मांगा। अनुशासन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की शर्त रखी। कहा कि इसका पालन करते हुए हमें नया हॉटस्पॉट नहीं बनने देना है। जहां हॉट स्पॉट बने हैं, वहां संक्रमण को काबू में रखना है।
इस दौरान अगले एक सप्ताह तक उन्होंने कड़े कदम उठाने का संकेत दिया। 20 अप्रैल तक सभी हॉट, स्पॉट और कोविड-19 की मॉनिटरिंग किए जाने की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने चेताया भी कि जहां मामले बढ़े, नए हॉट स्पॉट बने, वहां की सभी सहूलियतें वापस ले ली जाएंगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुल मिला कर मकसद एक है। कोविड-19 को हराना है। भारत को कोविड-19 के नुकसान से जितना अधिक हो सके बचाना है। वह आज के भी संदेश में जान है तो जहान है कि थीम पर आए। जान बचाने के बाद जहान को बचाने के सिद्धांत को न केवल प्रथमिकता दी बल्कि बताया कि केन्द्र सरकार इसे लेकर संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन-2 को लेकर नई गाइडलाइन आई। प्रधानमंत्री के चेहरे पर आज न केवल विजयी भाव दिखा, बल्कि एक आत्मविश्वास भी देखने को मिला। उन्होंने अमेरिका, इटली जैसे यूरोपीय देशों का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि भारत में कोविड-19 अभी नियंत्रण में है।






