फेफड़े से पूरे शरीर में अपना कुनबा बढ़ाता है- कोरोना वायरस

कोरोना हर उम्र के लोगों के लिए खतरनाक है। वैज्ञानिक और चिकित्सक मानते हैं कि इसकी चपेट में आने का एक बड़ा कारण व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युन सिस्टम) का कमजोर होना है। ब्रिटेन की डॉ. सारा जार्विस बताती हैं कि किसी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है और वे व्यक्ति वायरस की चपेट में आता है तो वायरस फेफड़े के भीतर घुसकर अपना कुनबा बढ़ाता है।वायरस की संख्या बढ़ने पर फेफड़ों में सूजन आने के साथ उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। वायरस जब शरीर में प्रवेश करता है तो इम्युन सिस्टम उससे लड़ता है। इसी प्रक्रिया में फेफड़ों की स्वस्थ कोशिकाएं खराब हो जाती है। इससे निमोनिया और सांस संबंधी तकलीफ हो जाती है और वायरस तेजी से हावी होता है।वायरस शरीर में कितना भीतर गया इससे भी नुकसान की आशंका बढ़ती है। वायरस नाक और मुंह से भीतर जाता है। गले तक ही रूक जाए तो ऐसे व्यक्ति कुछ दिन के भीतर ठीक हो जाते हैं। सूखी खांसी और बुखार की तकलीफ घर पर ठीक हो जाती है।






