Krishak Unnati Yojana 2025: अब किसानो की बल्ले-बल्ले, धान की खेती पर मिलेगी 15,351 रुपए प्रति एकड़ सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का फायदा

Krishak Unnati Yojana 2025: अब किसानो की बल्ले-बल्ले, धान की खेती पर मिलेगी 15,351 रुपए प्रति एकड़ सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का फायदा। इस समय खरीफ फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। खरीफ की मुख्य फसल धान है जिसकी खेती हमारे देश के कई राज्यों में होती है। धान की खेती की लागत घटाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार कृषक उन्नति योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को धान की खेती पर 15,351 रुपए प्रति एकड़ तक की सब्सिडी देती है। इतना ही नहीं धान के साथ ही अन्य फसलों जैसे– कपास, मक्का, दलहन, तिलहन, काेदो, रागी व कुटकी की खेती पर भी किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
Krishak Unnati Yojana 2025: क्या है कृषक उन्नति योजना
राज्य सरकार की ओर से किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना शुरू की गई है। यह योजना उन किसानों के लिए है जो धान की पारंपरिक खेती के बजाय अन्य लाभकारी फसलों की खेती में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर किसानों की आय को दुगुनी करना है। योजना का संचालन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
Krishak Unnati Yojana 2025: योजना की जानकारी
राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित है, जिससे मौसम प्रतिकूलताओं और कृषि इनपुट्स की बढ़ती लागत के कारण कृषि आय में अस्थिरता बनी रहती है। उन्नत बीज, कीटनाशक, खाद और आधुनिक कृषि तकनीकों में निवेश की कमी किसानों की उत्पादकता को प्रभावित करती है। इसलिए कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, ताकि किसान खेती में काम आने वाले बीज, खाद, उर्वरक आदि आदानों को खरीदकर उत्पादन में बढ़ोतरी कर सके।
Krishak Unnati Yojana 2025: कितनी मिलेगी सब्सिडी
कृषक उन्नति योजना के तहत प्रदेश के जो किसान धान की पारंपरिक खेती कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। यदि कोई किसान कॉमन किस्म की धान बेचता है तो उसे 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 15,351 रुपए प्रति एकड़ तक का अनुदान दिया जाएगा। वहीं, ग्रेड-ए धान के लिए 711 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 14,931 रुपए प्रति एकड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी।
Krishak Unnati Yojana 2025: अन्य फसल पर कितना मिलेगा अनुदान
जो किसान पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती कर चुके हैं और प्रदेश की सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री की है, यदि वे इस साल धान की जगह दूसरी फसल उगाते हैं, तो उन्हें 11,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन और गिरदावरी में पुष्टि होना जरूरी है।
Krishak Unnati Yojana 2025: किन फसलों पर मिलेगी सब्सिडी
कृषक उन्नति योजना के तहत यदि किसान खरीफ सीजन 2025 में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास की खेती करते हैं, तो उन्हें प्रति एकड़ 10,000 रुपए की आदान सहायता दी जाएगी। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण यानी DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।
Krishak Unnati Yojana 2025: बीज उत्पादक का किसानों को लाभ
इस योजना में प्रमाणित बीज उत्पादक किसानों को भी शामिल किया गया है। योजना के तहत जो किसान सामान्य धान सहकारी समितियों में बेचते हैं। उनके द्वारा बेची गई धान की मात्रा उनके कुल धारित रकबे की सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस प्रक्रिया की निगरानी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ और छत्तीसगढ़ बीज निगम मिलकर करेंगे।
Krishak Unnati Yojana 2025: सब्सिडी के लिए पात्रता और शर्तें
- कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए किसान छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए।
- किसान के पास खेती योग्य भूमि होनी चाहिए।
- किसान का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकरण आवश्यक है।
- गिरदावरी में रकबे की पुष्टि होनी चाहिए।
- सब्सिडी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
- अनुदान का भुगतान कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
Krishak Unnati Yojana 2025: दस्तावेज
- आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
- किसान का मोबाइल नंबर जो बैंक खाते से लिंक होना चाहिए
- किसान का निवास प्रमाण–पत्र
- बैंक पासबुक की प्रति
- किसान की भूमि का विवरण
- समिति का विवरण
- ऋण पुस्तिका
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Krishak Unnati Yojana 2025: आवेदन प्रक्रिया
यदि आप छत्तीसगढ़ के किसान है तो आप कृषक उन्नति योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको राज्य के एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए किसानों को आवेदन करना होगा। किसान छत्तीसगढ़ एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म में किसानों को सभी विवरण दर्ज करने होंगे। वही फॉर्म के साथ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। यह फॉर्म ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के कार्यालय जमा कराया जा सकता है। समिति द्वारा आपके आवेदन फॉर्म की जांच की जाएगी। आवेदक द्वारा दर्ज भूमि विवरण भुइयां पोर्टल द्वारा स्वत: जांचा जाएगा। यदि सब कुछ सही रहा तो लाभार्थी किसानों को एकीकृत कृषक पंजीयन क्रमांक एसएमएस के जरिये भेजा जाएगा।






