आख़िर CP Radhakrishnan कौन हैं, सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, जानें क्यों बने पीएम मोदी की पहली पसंद

नई दिल्ली: CP Radhakrishnan भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जहां उपराष्ट्रपति पद के लिए पार्टी की पसंद पर अंतिम मुहर लगी। तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्णन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन चार दशकों से भी ज्यादा का रहा है, जो उन्हें इस पद के लिए एक मजबूत दावेदार बनाता है।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक, CP Radhakrishnan ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक के रूप में की। 1974 में वे भारतीय जनसंघ की तमिलनाडु इकाई की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम बना दिया।
राजनीतिक सफर: कोयंबटूर से संसद तक
1996 में राधाकृष्णन को तमिलनाडु बीजेपी का सचिव बनाया गया। 1998 और 1999 में वे कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। अपने संसदीय कार्यकाल में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं:
- कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति के सदस्य।
- स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच के लिए बनी संसदीय समिति में भी शामिल रहे।
2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ताइवान का दौरा करने वाले पहले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने।
तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष और रथ यात्रा
2004 से 2007 तक राधाकृष्णन तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा निकाली, जो 93 दिनों तक चली। इस यात्रा का मकसद था:
- सभी भारतीय नदियों को जोड़ना।
- आतंकवाद का खात्मा।
- समान नागरिक संहिता लागू करना।
- अस्पृश्यता और मादक पदार्थों के खतरे से निपटना।
उन्होंने दो और पदयात्राओं का नेतृत्व किया, जो सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने के लिए थीं।
कॉयर बोर्ड से लेकर राज्यपाल तक
2016 में CP Radhakrishnan को कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में भारत का कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। 2020-2022 तक वे केरल बीजेपी के अखिल भारतीय प्रभारी रहे।
2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अपने पहले चार महीनों में उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों का दौरा किया और लोगों से सीधा संवाद किया। इसके बाद, 31 जुलाई 2024 को उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। साथ ही, उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।
खेल में भी चमके
राधाकृष्णन सिर्फ राजनीति में ही नहीं, खेल के मैदान में भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं। कॉलेज स्तर पर वे टेबल टेनिस के चैंपियन रहे और लंबी दूरी के धावक के रूप में भी ख्याति अर्जित की। क्रिकेट और वॉलीबॉल में भी उनकी गहरी रुचि रही।
उपराष्ट्रपति पद के लिए क्यों चुने गए?
सीपी राधाकृष्णन का लंबा अनुभव, तमिलनाडु और दक्षिण भारत में उनकी मजबूत पकड़, और RSS से पुराना नाता उन्हें इस पद के लिए एक दर्श उम्मीदवार बनाता है। उनकी साफ-सुथरी छवि और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रियता ने बीजेपी और एनडीए का भरोसा जीता है।
- उपराष्ट्रपति उम्मीदवारी: बीजेपी ने आधिकारिक तौर पर राधाकृष्णन को एनडीए का उम्मीदवार घोषित किया।
- राज्यपाल का कार्यकाल: राधाकृष्णन ने 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी, जैसा कि आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है।
- कॉयर बोर्ड: उनके कार्यकाल में कॉयर निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि की पुष्टि सरकारी आंकड़ों से हुई है।
सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन न केवल तमिलनाडु के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उनका अनुभव, समर्पण और नेतृत्व इस पद की गरिमा को और बढ़ाएगा।






