कौन बनेगा तमिलनाडु का अगला उपराष्ट्रपति: बीजेपी के 8 चेहरे रेस में शामिल सीपी राधाकृष्णन बने एनडीए के उम्मीदवार

नई दिल्ली: देश के उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 17 अगस्त 2025 को अपने संसदीय बोर्ड की बैठक में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा 7 अगस्त को जारी अधिसूचना के बाद लिया गया, जिसमें नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त और मतदान 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में तय किया गया है। तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्णन का नाम सामने आने से दक्षिण भारत में उत्साह का माहौल है।
धनखड़ के इस्तीफे ने बदला समीकरण
21 जुलाई 2025 को मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार के साथ कुछ मतभेद और विश्वास की कमी भी उनके इस्तीफे की वजह बनी। खासतौर पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के महाभियोग के मुद्दे पर उनकी असहमति ने सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद बीजेपी और एनडीए ने नए उम्मीदवार की तलाश तेज कर दी, जिसमें ऐसा चेहरा चाहिए था जो पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हो।
सीपी राधाकृष्णन: तमिलनाडु का दिग्गज चेहरा
चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के स्नातक, राधाकृष्णन ने अपने करियर की शुरुआत 1974 में आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में की। इसके बाद वे भारतीय जनसंघ की तमिलनाडु इकाई के सदस्य बने। चार दशकों से ज्यादा के अनुभव के साथ वे तमिलनाडु की राजनीति में एक सम्मानित नाम हैं।
राजनीतिक करियर की झलक
- 1996: तमिलनाडु बीजेपी के सचिव बने।
- 1998 और 1999: कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
- 2004-2007: तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा निकाली, जो 93 दिनों तक चली। इस यात्रा में नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, समान नागरिक संहिता, और सामाजिक मुद्दों को उठाया गया।
- 2004: संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान का दौरा करने वाले पहले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने।
- 2016-2020: कोच्चि के कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, जहां उनके नेतृत्व में कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
- 2023: झारखंड के राज्यपाल बने और पहले चार महीनों में सभी 24 जिलों का दौरा किया।
- 2024: 31 जुलाई को महाराष्ट्र के राज्यपाल बने, साथ ही तेलंगाना और पुडुचेरी के अतिरिक्त प्रभार संभाले।
संसदीय योगदान
राधाकृष्णन ने सांसद के रूप में कई अहम समितियों में काम किया:
- कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष।
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वित्त परामर्शदात्री समिति के सदस्य।
- स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच के लिए विशेष संसदीय समिति में शामिल।
खेल में भी रुचि
राधाकृष्णन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहे। कॉलेज के दिनों में वे टेबल टेनिस के चैंपियन और लंबी दूरी के धावक रहे। क्रिकेट और वॉलीबॉल में भी उनकी खासी दिलचस्पी थी।
अन्य संभावित उम्मीदवारों की चर्चा
हालांकि राधाकृष्णन को अंतिम उम्मीदवार चुना गया, लेकिन दौड़ में कई बड़े नाम शामिल थे:
- आरिफ मोहम्मद खान: बिहार के राज्यपाल और केरल के पूर्व राज्यपाल, जिनकी बौद्धिक क्षमता और बीजेपी के प्रति निष्ठा की चर्चा थी।
- विनय कुमार सक्सेना: दिल्ली के उपराज्यपाल।
- मनोज सिन्हा: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल।
- थावरचंद गहलोत: कर्नाटक के राज्यपाल।
- ओम माथुर: सिक्किम के राज्यपाल।
- आचार्य देवव्रत: गुजरात के राज्यपाल।
- शेषाद्रि चारी: आरएसएस के विचारक।
- हरिवंश: वर्तमान राज्यसभा उपसभापति, जिनका नाम बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर विचार किया गया।
एनडीए की रणनीति और जीत की संभावना
एनडीए ने उम्मीदवार चयन का जिम्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपा था। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान 18 अगस्त से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल में पूर्ण बहुमत है, जिससे राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अगर विपक्ष अपना उम्मीदवार उतारता है, तो भी एनडीए का पलड़ा भारी रहेगा।
- चुनाव की तारीखें: चुनाव आयोग ने 7 अगस्त 2025 को अधिसूचना जारी की। नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त और मतदान 9 सितंबर को होगा।
- धनखड़ का इस्तीफा: जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को इस्तीफा दिया, जिसकी पुष्टि सरकारी सूत्रों से हुई।
- राधाकृष्णन की उम्मीदवारी: बीजेपी ने 17 अगस्त 2025 को राधाकृष्णन को एनडीए उम्मीदवार घोषित किया।
- कॉयर बोर्ड का रिकॉर्ड: उनके नेतृत्व में कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जैसा कि सरकारी आंकड़ों में दर्ज है।
सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनका लंबा अनुभव, सामाजिक कार्यों में सक्रियता और बीजेपी-आरएसएस से गहरा नाता उन्हें इस पद के लिए एक मजबूत दावेदार बनाता है। 9 सितंबर को होने वाला यह चुनाव निश्चित रूप से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रहेगा।






