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Mumbai Rain: मुंबई में भारी बारिश का कहर, मुंबई में जलभराव, दिल्ली में यमुना उफान पर, कई राज्यों में बाढ़ का अलर्ट

Mumbai Rain: भारत के कई हिस्सों में मॉनसून 2025 ने भारी तबाही मचाई है। दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड, और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जन-जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, तो मुंबई की सड़कों पर पानी ही पानी नजर आ रहा है। महाराष्ट्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है, और कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सरकारें और बचाव दल (NDRF, SDRF) पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आइए, इस आपदा की पूरी तस्वीर को आसान और रोचक अंदाज में समझते हैं।

मुंबई: सड़कों पर जाम, जलभराव का कहर

मुंबई में भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। माटुंगा रेलवे स्टेशन पर जलभराव की स्थिति ऐसी है कि चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बांद्रा कोर्ट से अंधेरी नटराज स्टूडियो तक 5-6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। बारिश की चेतावनी के बाद लोग जल्दी ऑफिस से निकले, जिससे सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के 15-16 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासकर कोंकण क्षेत्र में बारिश का कहर सबसे ज्यादा है।

महाराष्ट्र के नांदेड़ के मुखेड़ में बादल फटने जैसी स्थिति ने हालात को और बिगाड़ दिया। NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। करीब 1 लाख हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है, और 200 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बारिश की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।

दिल्ली: यमुना खतरे के निशान के पार

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से हड़कंप मच गया है। हथिनीकुंड बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना 18 अगस्त 2025 को शाम 4 बजे 205.48 मीटर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने चेतावनी दी है कि 19 अगस्त को सुबह 2 बजे तक जलस्तर 206 मीटर तक जा सकता है, जिसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।

दिल्ली के वसंत कुंज जैसे इलाकों में पानी पहुंच चुका है। यमुना के किनारे बसी झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ तैयारियों का जायजा लेने के लिए आसिता घाट, यमुना बाजार, और अन्य इलाकों का दौरा किया। NDRF और दिल्ली पुलिस की टीमें रात-दिन राहत कार्य में जुटी हैं।

तेलंगाना: मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी

तेलंगाना के मेदक जिले में भारी बारिश ने हालात बेकाबू कर दिए हैं। पापन्नापेट मंडल के प्रसिद्ध दुर्गा भवानी देवालयम में बाढ़ का पानी मंदिर के गर्भगृह की छत तक पहुंच गया। भक्तों ने मूर्ति को सुरक्षित राजगोपुरम तक पहुंचाया। सिंगूर जलाशय लबालब भर चुका है, और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

गंगा और यमुना: पहाड़ों से मैदानों तक तबाही

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश ने गंगा और यमुना के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा उफान पर है, और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति है। बिहार और उत्तर प्रदेश के नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।

सरकार और बचाव दल का एक्शन

  • महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। NDRF और SDRF की टीमें 24×7 काम कर रही हैं।
  • दिल्ली: केंद्रीय जल आयोग और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।
  • तेलंगाना: स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांट रही हैं।
  • उत्तराखंड और हिमाचल: ITBP और सेना की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं, खासकर बादल फटने जैसी घटनाओं के बाद।

स्कूल-कॉलेज बंद, लोगों से सतर्कता की अपील

भारी बारिश को देखते हुए महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, और दिल्ली में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। IMD ने अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है। आपातकाल के लिए 112, 1070, या 1800-425-0101 जैसे हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

फसलों को भारी नुकसान

महाराष्ट्र में 1 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ है, जिसमें धान, गन्ना, और सोयाबीन जैसी फसलें शामिल हैं। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने मुआवजा पैकेज की घोषणा की है। तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में भी फसलों को नुकसान की खबरें हैं, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।

  • यमुना का जलस्तर: 18 अगस्त 2025 को यमुना का जलस्तर 205.48 मीटर था, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर है।
  • हथिनीकुंड बैराज: 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो 48-50 घंटों में दिल्ली पहुंचता है।
  • महाराष्ट्र में नुकसान: 1 लाख हेक्टेयर फसलों को नुकसान और 200+ गांव प्रभावित।
  • IMD अलर्ट: मुंबई और 15-16 जिलों में रेड/ऑरेंज अलर्ट।
  • तेलंगाना: सिंगूर जलाशय लबालब, मेदक में मंदिर में बाढ़।

मॉनसून 2025 ने भारत के कई राज्यों में तबाही मचाई है। मुंबई की सड़कों से लेकर दिल्ली की यमुना और तेलंगाना के मंदिरों तक, बाढ़ और जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सरकार और बचाव दल दिन-रात राहत कार्य में जुटे हैं, लेकिन मौसम की मार ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं। लोगों से अपील है कि वे अलर्ट रहें, सुरक्षित स्थान पर रहें, और आपातकाल में हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करें।