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अपने पति को नीले ड्रम भरने वाली सुनीता, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की पति की हत्या , नीले ड्रम में छिपाई लाश, रील्स की थी शौकीन

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जन्माष्टमी के ठीक बाद, किशनगढ़ बास के आदर्श नगर कॉलोनी में एक घर की छत पर नीले ड्रम में एक शख्स की लाश मिली। मृतक की पहचान हंसराज उर्फ सूरज, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले, के रूप में हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या के पीछे हंसराज की पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी जितेंद्र का हाथ है, जो मकान मालिक का बेटा है। दोनों ने मिलकर हंसराज की हत्या की और उसकी लाश को नीले ड्रम में छिपा दिया, जिसमें नमक डालकर सड़ाने की कोशिश की गई। आइए, इस दिल दहलाने वाली घटना की पूरी कहानी को समझते हैं।

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जन्माष्टमी की खुशियों के बीच रची गई साजिश

हंसराज ने जन्माष्टमी का त्योहार अपनी पत्नी सुनीता और तीन बच्चों—हर्षल, नंदिनी, और गोलू—के साथ बड़े धूमधाम से मनाया था। मजदूरी करने वाला हंसराज अपने परिवार को हमेशा साथ रखता था और मेहनत से उनकी हर जरूरत पूरी करता था। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी पीठ पीछे उसकी पत्नी और मकान मालिक का बेटा जितेंद्र उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे।

हंसराज और उसका परिवार डेढ़ महीने पहले ही किशनगढ़ बास में किराए के मकान में रहने आए थे। यह मकान जितेंद्र के पिता राजेश शर्मा का था। जितेंद्र ने ही हंसराज को अपने घर की छत पर कमरा किराए पर दिया था। दोनों एक ही ईंट भट्ठे पर काम करते थे, जहां जितेंद्र मैनेजर था और हंसराज मजदूर। अक्सर दोनों साथ में शराब पीते थे, लेकिन इस दोस्ती के पीछे छिपा था एक खतरनाक राज।

अवैध संबंध और हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि जितेंद्र की पत्नी की मृत्यु 12 साल पहले हो चुकी थी, जिसके बाद उसके कई महिलाओं से अवैध संबंध बन गए थे। हंसराज के दिनभर काम पर रहने के दौरान जितेंद्र और सुनीता के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों ने हंसराज को रास्ते से हटाने की ठान ली। 17 अगस्त 2025 की रात हंसराज की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसकी लाश को छत पर रखे नीले ड्रम में डाल दिया गया। लाश को जल्दी सड़ाने के लिए उस पर 20 किलो नमक डाला गया और ऊपर से पत्थर रखकर ड्रम सील कर दिया गया।

रील्स की शौकीन थी सुनीता

सुनीता को सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का जबरदस्त शौक था। वह आए दिन अपने बच्चों और पति के साथ वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करती थी। पुलिस को जांच में कई ऐसी रील्स मिलीं, जिनमें सुनीता और जितेंद्र एक साथ नजर आए। एक वीडियो में सुनीता कहती हुई सुनाई दी, “जिंदा रही तो कुछ और बात है, मर गई तो तुझे छोड़ूंगी नहीं!” यह वीडियो अब पुलिस जांच का हिस्सा है।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

हत्या के बाद सुनीता अपने तीन बच्चों और जितेंद्र के साथ फरार हो गई। दोनों अलवर के रामगढ़ इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम की तलाश में पहुंचे। लेकिन वहां के मालिक को इन पर शक हुआ, क्योंकि दोनों बच्चों के साथ अकेले थे और भागने की कोशिश कर रहे थे। मालिक ने तुरंत रामगढ़ थाने को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुनीता और जितेंद्र को हिरासत में लिया। हंसराज के तीनों बच्चे भी पुलिस की कस्टडी में हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

मेरठ हत्याकांड से समानता

यह मामला मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड से मिलता-जुलता है, जहां मार्च 2025 में एक मर्चेंट नेवी ऑफिसर की हत्या उसकी पत्नी और प्रेमी ने की थी। उस मामले में भी लाश को नीले ड्रम में सीमेंट के साथ छिपाया गया था। खैरथल के इस केस ने भी पूरे देश में सनसनी फैला दी है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

खैरथल-तिजारा SP मनीष चौधरी ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने चार टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश की थी। FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए, जिसमें हंसराज के गले पर धारदार हथियार के निशान और ड्रम में नमक की मौजूदगी शामिल है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है, और उनके आने के बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। पुलिस इस मामले में प्रेम-प्रसंग के साथ-साथ अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

  • घटना की तारीख: हंसराज की हत्या 17 अगस्त 2025 को हुई, और 18 अगस्त को लाश बरामद हुई।
  • आरोपियों की गिरफ्तारी: सुनीता और जितेंद्र को रामगढ़ में 18 अगस्त 2025 को हिरासत में लिया गया।
  • नमक का उपयोग: ड्रम में 20 किलो नमक डाला गया था, जैसा कि पुलिस और FSL की जांच में पुष्टि हुई।
  • सोशल मीडिया रील्स: सुनीता के रील्स बनाने की बात पुलिस जांच में सामने आई।

खैरथल का यह हत्याकांड न सिर्फ एक परिवार की दुखद कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विश्वास और रिश्तों की आड़ में कितनी खतरनाक साजिश रची जा सकती है। सुनीता का रील्स का शौक और जितेंद्र के साथ उसका अवैध रिश्ता इस हत्याकांड की जड़ बना। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि सभी दोषियों को सजा मिले। इस घटना ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों में विश्वास और पारदर्शिता कितनी जरूरी है।