इनकम टैक्स बिल 2025 को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया कानून, टैक्स सिस्टम होगा और आसान

22 अगस्त 2025 को भारत ने अपनी टैक्स व्यवस्था को और आधुनिक व सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इनकम टैक्स बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है, और इसे अधिसूचित कर दिया गया है। यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। नया बिल टैक्सपेयर्स के लिए कई फायदे लेकर आया है, लेकिन कुछ नई जिम्मेदारियां भी लाएगा। एक्स पर एक यूजर ने लिखा, “इनम टैक्स बिल 2025 से टैक्स सिस्टम अब और आसान! #IncomeTaxBill” आइए, इस नए कानून को आसान और मजेदार अंदाज में समझते हैं और जानते हैं कि यह आपके लिए क्या बदलाव लाएगा!
क्या है इनकम टैक्स बिल 2025?
इनकम टैक्स बिल 2025 का मकसद टैक्स सिस्टम को पारदर्शी, सरल, और आधुनिक बनाना है। पुराना इनकम टैक्स एक्ट 1961 सैकड़ों पन्नों का था, जिसमें 819 सेक्शन और 47 चैप्टर थे। लेकिन नए बिल में सेक्शन की संख्या घटाकर 536 और चैप्टर्स को 23 कर दिया गया है। कुल शब्दों की संख्या भी 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है। यानी, कानून अब लगभग आधा हो गया है! पुराने और जटिल प्रावधानों को हटा दिया गया है, और 39 नई टेबल्स व 40 फॉर्मूलों को जोड़ा गया है ताकि टैक्स नियम समझने में आसानी हो। एक्स पर एक यूजर ने कमेंट किया, नया टैक्स बिल छोटा और सरल है! अब टैक्स समझना आसान होगा।
टैक्सपेयर्स के लिए बड़े फायदे
नए कानून में छोटे टैक्सपेयर्स को खास राहत दी गई है:
- टैक्स ईयर का कॉन्सेप्ट: पहले वित्त वर्ष और मूल्यांकन वर्ष का अलग-अलग जिक्र होता था, जो कन्फ्यूजिंग था। अब सिर्फ टैक्स ईयर (1 अप्रैल से 31 मार्च) का कॉन्सेप्ट होगा, जिससे रिटर्न फाइल करना आसान होगा।
- लेट रिटर्न पर भी रिफंड: अगर आप टैक्स रिटर्न देर से फाइल करते हैं, तब भी आपको रिफंड मिलेगा। पहले यह सुविधा नहीं थी।
- अपडेटेड रिटर्न: टैक्सपेयर्स अब चार साल तक अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं, जिससे गलतियां सुधारना आसान होगा।
- MSME की नई परिभाषा: माइक्रो, स्मॉल, और मीडियम एंटरप्राइजेज की परिभाषा को MSME एक्ट के साथ जोड़ा गया है, जिससे छोटे बिजनेस को फायदा होगा।
- रिफंड में तेजी: रिटर्न प्रोसेसिंग का समय कम होगा, ताकि रिफंड जल्दी मिले। एक्स पर एक यूजर ने लिखा, “लेट रिटर्न पर भी रिफंड! टैक्सपेयर्स के लिए ये गेम-चेंजर है
टैक्सपेयर्स की नई जिम्मेदारियां
नए कानून में टैक्सपेयर्स पर कुछ जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। आयकर विभाग अब आय और खर्च का बारीकी से मिलान करेगा। अगर आपके खाते में कोई ऐसी राशि मिलती है, जिसका हिसाब आप स्पष्ट नहीं कर पाते, तो उसे आय मानकर टैक्स लगेगा। इसी तरह, अगर खर्च का विवरण ITR में नहीं है और उसका उचित जवाब नहीं दे पाए, तो उसे भी आय की श्रेणी में गिना जाएगा। एक्स पर एक यूजर ने कमेंट किया, “टैक्सपेयर्स को अब हिसाब रखना होगा, वरना टैक्स का झटका लगेगा! #TaxRules”
टैक्स अधिकारियों की शक्तियां बढ़ीं
नए बिल में आयकर अधिकारियों की ताकत भी बढ़ाई गई है। अब वे बुक्स ऑफ अकाउंट को 15 दिन तक जांच के लिए रख सकते हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान फोन, लैपटॉप, ईमेल, और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए जा सकते हैं। वर्चुअल डिजिटल स्पेस जैसे ईमेल सर्वर, सोशल मीडिया अकाउंट्स, और ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट्स तक पहुंचने का अधिकार भी होगा। अगर आप पासवर्ड नहीं देते, तो अधिकारी एक्सेस कोड ओवरराइड कर सकते हैं। vajiramandravi.com के मुताबिक, इससे डिजिटल प्राइवेसी को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
कैसे बना यह कानून?
इनकम टैक्स बिल 2025 को फरवरी 2025 में लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन सिलेक्ट कमेटी की सलाह के बाद इसमें कई बदलाव किए गए। 8 अगस्त 2025 को पुराना बिल वापस लिया गया और 11 अगस्त 2025 को इनकम टैक्स (नंबर 2) बिल 2025 पेश किया गया। सिलेक्ट कमेटी की 285 सुझावों में से ज्यादातर को शामिल किया गया। 21 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी, और इसे e-gazette.gov.in पर अधिसूचित किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “यह कानून टैक्सपेयर्स के लिए सरल, पारदर्शी, और अनुकूल है।” एक्स पर @IncomeTaxIndia ने लिखा, इनकम टैक्स बिल 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी! 1 अप्रैल 2026 से नया युग शुरू
- तारीख: 21 अगस्त 2025 को राष्ट्रपति ने इनकम टैक्स बिल 2025 को मंजूरी दी, और इसे e-gazette.gov.in पर अधिसूचित किया गया। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
- मुख्य बदलाव: सेक्शन 819 से 536, चैप्टर्स 47 से 23, और शब्दों की संख्या 5.12 लाख से 2.6 लाख। टैक्स ईयर कॉन्सेप्ट, लेट रिटर्न रिफंड, और MSME परिभाषा की जानकारी cleartax.in और prsindia.org से सत्यापित।
- अधिकारियों की शक्तियां: वर्चुअल डिजिटल स्पेस तक पहुंच और 15 दिन तक दस्तावेज जांच की बात vajiramandravi.com और thehindu.com से पुष्ट।
- विवाद: डिजिटल प्राइवेसी को लेकर चिंताएं vajiramandravi.com पर उल्लेखित। कुछ विपक्षी नेताओं ने सर्च पावर को लेकर सवाल उठाए।
- स्रोत: cleartax.in, prsindia.org, thehindu.com, news18.com, indiabudget.gov.in, e-gazette.gov.in, और एक्स पोस्ट्स।
- अस्वीकरण: टैक्स नियमों में बदलाव से पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometaxindia.gov.in पर जानकारी जांचें।
इनकम टैक्स बिल 2025 टैक्स सिस्टम को आधुनिक, पारदर्शी, और टैक्सपेयर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। टैक्स ईयर, लेट रिटर्न रिफंड, और MSME को राहत जैसे बदलाव छोटे टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन, डिजिटल दस्तावेजों की जांच और आय-खर्च के मिलान की नई जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा। एक्स पर यूजर्स कह रहे हैं, नया टैक्स बिल टैक्सपेयर्स की जिंदगी आसान करेगा! #IncomeTax2025” क्या आप इस नए कानून के लिए तैयार हैं? incometaxindia.gov.in पर जाकर और जानकारी लें और टैक्स फाइलिंग को आसान बनाएं!






