जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर, यात्रा क्यों रोकी गई: वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन, 6 श्रद्धालुओं की मौत

जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भयानक तबाही मचा दी है। रियासी जिले के त्रिकुटा पहाड़ियों पर बनी माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा का रास्ता मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। भारी बारिश और खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी यात्रा को पूरी तरह रोक दिया गया है। आइए, इस खबर को आसान और देसी अंदाज में समझते हैं।
क्या हुआ वैष्णो देवी मार्ग पर
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे, अर्धकुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के नजदीक त्रिकुटा पहाड़ियों पर भयानक भूस्खलन हुआ। ये जगह कटरा से माता वैष्णो देवी मंदिर तक के 12 किलोमीटर लंबे घुमावदार रास्ते का लगभग आधा हिस्सा है। अचानक पहाड़ से पत्थर, मलबा और बोल्डर नीचे गिरने लगे, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को चपेट में ले लिया। कटरा के एसडीएम पीयूष डोटरा ने बताया कि इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, और 14 श्रद्धालु घायल हैं। घायलों का इलाज कटरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और नारायणा अस्पताल में चल रहा है।
श्री माता वैष्णो देवी अर्धकुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय पर भूस्खलन की घटना हुई है। कुछ लोग घायल हुए हैं, और रेस्क्यू ऑपरेशन जोर-शोर से चल रहा है। जरूरी मैनपावर और मशीनरी मौके पर तैनात है।”
यात्रा क्यों रोकी गई
भारी बारिश के कारण हालात इतने खराब हो गए कि सुबह से ही हिमकोटि मार्ग पर यात्रा बंद थी। पुराने मार्ग पर दोपहर 1:30 बजे तक यात्रा चल रही थी, लेकिन भूस्खलन के बाद इसे भी अगले आदेश तक रोक दिया गया। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ये फैसला लिया। साथ ही, बैटरी कार, केबल कार और हेलिकॉप्टर सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं।
डोडा में बादल फटने से तबाही
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बादल फटने से तबी नदी उफान पर है। भारी बारिश और बाढ़ ने चौथे तवी पुल के पास की सड़क को बहा दिया। डोडा में 4 लोगों की मौत की खबर है, और कई घरों व संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि गंडोह में दो और थाथरी में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 15 घर और कई गोशालाएं तबाह हो गईं।
बचाव कार्य और प्रशासन की सक्रियता
हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चल रहा है। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर राहत-बचाव में जुटी हैं। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा हाईवे पर ट्रैफिक बंद है, क्योंकि भूस्खलन और बाढ़ ने कई सड़कों को बर्बाद कर दिया। जम्मू के डिविजनल कमिश्नर ने हेल्पलाइन नंबर (0191-2520542, 0191-2571616) जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने X पर लिखा, जम्मू के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर है। मैं श्रीनगर से जम्मू के लिए अगली उपलब्ध फ्लाइट ले रहा हूं, ताकि स्थिति की निगरानी कर सकूं। उन्होंने डीसी को आपातकालीन जरूरतों के लिए अतिरिक्त फंड देने के निर्देश भी दिए।
लोगों से सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने जम्मू में 27 अगस्त तक भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है। लोगों से नदी-नालों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। तवी, चिनाब और रावी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
क्या करें श्रद्धालु?
अगर आप वैष्णो देवी यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अभी रुक जाएं। मौसम साफ होने और श्राइन बोर्ड के नए निर्देशों का इंतजार करें। कटरा से कई ट्रेनें, जैसे वंदे भारत, भी रद्द हो चुकी हैं। सेफ्टी फर्स्ट, भाई!






