Cyber Fraud: MP के बिजली उपभोक्ता सायबर जाल-साजों के निशाने पर, Electricity कंपनी ने जारी की Advice…

Cyber Fraud: MP के बिजली उपभोक्ता सायबर जाल-साजों के निशाने पर, Electricity कंपनी ने जारी की Advice… एमपी के बिजली उपभोक्ता सायबर जालसाजों के निशाने पर हैं। उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा आईव्हीआर तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसी अनेक शिकायतें सामने आने के बाद मध्य क्षेत्र विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं को चेताया है।
इसे भी पढ़े :-Kisan Credit Card Scheme: किसानों को मिलेगा कम ब्याज पर 5 लाख तक का KCC लोन, जाने कब तक चलेगा महाभियान
कंपनी अधिकारियों ने बिजली उपभोक्ताओं से किसी भी नंबर से आए फोन के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित नहीं करने की अपील की है। इसके साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा नहीं करने को कहा है। कंपनी का साफ कहना है कि इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज एवं आईव्हीआर फोन कॉल फर्जी हैं, इन पर जरा भी ध्यान नहीं दें।
MP में Cyber Fraud बड़ा
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नकद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेन्टर, आईसेक्ट कियोस्क पर ही करें। बिजली बिलों के केशलेश भुगतान के लिए कंपनी के पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सएप एवं उपाय ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
बिजली कंपनी ने जारी की Advice
बिजली कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारियों ने बताया है कि बिजली बिल या अन्य विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन, गूगल, अमेजन, व्हाट्सएप आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। कंपनी का उपभोक्ताओं से स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी मोबाइल नंबर से आए फोन के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर बिजली बिलों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें।
इसे भी पढ़े :-Krishak Unnati Yojana 2025: धान की खेती पर मिलेगी 15,351 रुपए प्रति एकड़ सब्सिडी, जाने यहाँ से ऐसे उठाएं लाभ
SMS, WhatsApp messages और IVR calls पूरी तरह से फर्जी
अधिकारियों के अनुसार कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज अथवा आईव्हीआर तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिए कहा जाता है। जालसाजों द्वारा बिल भुगतान कराने के लिए बिजली काट दी जाएगी, जैसा डर दिखाया जाता है। इसके बाद बिल भुगतान करने के लिए विशेष नंबर दबाएं अथवा खास मोबाइल नंबर पर संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं, जैसे संदेश दिये जाते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार ये सायबर ठगी है। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज एवं आईव्हीआर फोन कॉल पूरी तरह से फर्जी हैं, इन पर ध्यान नहीं दें।






