करतब के दौरान किलर व्हेल ने मरीन ट्रेनर की ली जान? वायरल वीडियो का सच जानें

दोस्तों, सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो धूम मचा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जेसिका रेडक्लिफ नाम की एक मरीन ट्रेनर को लाइव शो के दौरान एक ओरका (किलर व्हेल) ने हमला करके मार डाला। वीडियो में एक मरीन पार्क का सीन दिखाया गया है, जहां ओरका दर्शकों के सामने ट्रेनर पर झपट्टा मारता है। क्लिप में ये भी कहा गया कि ये हमला पैसिफिक ओरका की वजह से हुआ और जेसिका की मौके पर ही मौत हो गई। सुनने में कितना डरावना लगता है न? लेकिन क्या ये सच है? चलिए, हम खुद फैक्ट चेक करके देखते हैं और सारी सच्चाई सामने लाते हैं।
वीडियो क्या दिखा रहा है और क्यों हो रहा वायरल?
इस क्लिप को देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। एक महिला ट्रेनर पानी में ओरका के साथ परफॉर्म कर रही है, और अचानक जानवर हमला कर देता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे शेयर करते हुए कह रहे हैं कि ये रियल इंसिडेंट है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक हर जगह ये वीडियो छाया हुआ है। कुछ यूजर्स तो ये भी जोड़ रहे हैं कि ट्रेनर के पीरियड्स ब्लड ने ओरका को उकसाया, जो सुनने में और ज्यादा सनसनीखेज लगता है। लेकिन रुकिए, क्या ये सब हकीकत है या सिर्फ क्लिकबेट?
ये पूरी तरह फेक है
हमने इसकी जांच की और इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स (IBT) की रिपोर्ट से पता चला कि जेसिका रेडक्लिफ नाम की कोई ट्रेनर ही नहीं है! कोई आधिकारिक रिकॉर्ड, न्यूज रिपोर्ट या मरीन पार्क के डेटाबेस में उनका नाम तक नहीं मिला। वोकल मीडिया के फैक्ट-चेकर्स ने भी यही पाया – समुद्री पार्कों में ऐसी घटनाओं के लिए सख्त प्रोटोकॉल होते हैं, लेकिन यहां कोई रिकॉर्ड नहीं। मतलब, ये पूरी कहानी मनगढ़ंत है। अगर ऐसी कोई मौत हुई होती, तो दुनिया भर की मीडिया में हंगामा मच जाता, लेकिन यहां सन्नाटा है।
AI का कमाल या धोखा
एक्सपर्ट्स ने वीडियो की गहराई से जांच की और पाया कि ये AI से बनाया गया है। पुराने फुटेज को मिक्स करके, AI वॉयसओवर ऐड करके इसे असली जैसा बना दिया गया। द स्टार की रिपोर्ट कहती है कि ऐसे वीडियो सिर्फ व्यूज और शेयर्स बढ़ाने के लिए बनाए जाते हैं। और वो पीरियड्स ब्लड वाला दावा? वो भी बकवास! वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका ओरका के व्यवहार से कोई लेना-देना नहीं। AI के इस दौर में फेक वीडियो बनाना आसान हो गया है, लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए – शेयर करने से पहले चेक करें!
असली घटनाओं से चुराया गया आइडिया
वीडियो बनाने वालों ने शायद रियल ट्रेजेडीज से इंस्पिरेशन लिया। याद कीजिए, 2010 में अमेरिका के सीवर्ल्ड में ट्रेनर डॉन ब्रांच्यू की ओरका से हमले में मौत हो गई थी। एक साल पहले स्पेन में एलेक्सिस मार्टिनेज के साथ भी वैसा ही हादसा हुआ। इन घटनाओं को मीडिया ने खूब कवर किया और ‘ब्लैकफिश’ जैसी डॉक्यूमेंट्री में भी दिखाया गया। लेकिन जेसिका का केस? वो बस इन रियल स्टोरीज को ट्विस्ट करके बनाया गया फेक।
तो क्या करें हम?
दोस्तों, सोशल मीडिया पर हर चीज पर यकीन मत करो। फैक्ट-चेक साइट्स जैसे स्नोप्स या IBT चेक करें। अगर वीडियो बहुत डरावना या सनसनीखेज लगे, तो शायद फेक हो। ये वायरल होकर लोगों को डराता है और गलत जानकारी फैलाता है। असली समुद्री पार्कों में ट्रेनर्स की सेफ्टी के लिए नियम हैं, लेकिन कैप्टिव एनिमल्स पर बहस जारी है।






